जालोर
राजस्थान के जालोर जिले के सांचौर क्षेत्र के प्रतापपुरा के गांव में गुरुवार को एसडीएम भूपेंद्र यादव ने एक किसान नरसिंह राम चौधरी को लात मार दी। वीडियो में वे किसानों की तरफ लात बढ़ाते भी साफ दिख रहे हैं। आक्रोशित किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की और हाथापाई की नौबत आ गई। पुलिस ने ग्रामीणों को मौके से हटाकर मामला शांत किया। इसके बाद एसडीएम की ओर से राजकार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करवाया गया। इससे आक्रोशित किसानों ने देर रात किसान पंचायत बुलाई और शुक्रवार को एसडीएम का घेराव करने का निर्णय लिया।
भारत माला परियोजना के तहत अमृतसर से जामनगर तक बनने वाले एक्सप्रेस-वे 754K का निर्माण कार्य प्रतापपुरा की सरहद में गुरुवार को ही शुरू हुआ और इसे ग्रामीणों ने रुकवा दिया। एसडीएम का कहना है कि किसान लाठी लेकर मेरी तरफ बढ़ रहा था, इसलिए बचाव में लात मारनी पड़ी।
किसानों के खिलाफ हमला और राजकार्य में बाधा डालने का मामला सांचौर पुलिस थाने में दर्ज करवाया है। दूसरी ओर किसानों ने रात को गांव में पंचायत बुलाकर आधे धंटे तक चर्चा कर आगे की रणनीति बनाई। शुक्रवार को एसडीएम का घेराव करेंगे।

पुलिस ने मौके से किसानों को हटाया।
45 हजार प्रति बीघा की दर से नहीं लेना चाहते किसान
बाजार दर करीब 10 लाख की जमीन को डीएलसी से 45 हजार रुपए बीघा की दर से दाम लगाया जा रहा है। इसको लेकर किसान 2019 में हाईकोर्ट गए थे। जहां किसानों के खिलाफ फैसला आने पर अभी मामला डबल बेंच में है। कोरोनाकाल में मामले की सुनवाई नहीं हो पाई। किसानों का कहना है अवार्ड राशि जारी हो चुकी है, जबकि मकान, पेड़, कुएं समेत अवाप्ति राशि आनी है, जो काफी कम है। यह मामला बड़सम से गुजरात बॉर्डर तक 10 किमी के बीच का है। फैसले तक काम रोकने के लिए कंपनी नहीं मान रही है।
मामला 2 साल से हाईकोर्ट में, 90% किसानों ने नहीं लिया अवॉर्ड
वीडियो में दिख रहा कि पेड़ व खेत की माठ हटाने के दौरान एसडीएम मौजूद हैं। एक किसान जेसीबी के आगे जाकर बैठ गया। एसडीएम एक किसान की ओर धमकी देते हुए हाथ दिखाकर उसकी तरफ बढ़ गए, तभी वहां मौजूद दूसरे ग्रामीणों ने एक पुलिसकर्मी के हाथ से लाठी उठाने की कोशिश की तो एसडीएम ने किसान को लात मार दी।

मुआवजे के लिए मांग कर है किसानों ने काम रुकवा दिया था।
मामला हाईकोर्ट में है, लेकिन स्टे नहीं आया
एसडीएम भूपेंद्र यादव का कहना है कि किसानों ने काम रुकवा दिया था, जिसको लेकर मौके पर पहुंचे। समझाइश कर रहे थे कि एक किसान ने मेरी तरफ लकड़ी उठा दी और बचाव में लात मारी। हाईकोर्ट का कोई स्टे तो आया हुआ नहीं है। पुलिस थाने में रिपोर्ट भी दी है।