मुख्य अभियंता से मिले हारे प्रत्याशी के समर्थक किसान हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। जल संसाधन विभाग की ओर से हाल ही में सम्पन्न करवाए गए जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों के चुनाव में बीके 24 के अध्यक्ष का चुनाव विवादों के घेरे में आ गया है। बीके 24 के अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान के बाद की गई मतगणना में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए हारे हुए प्रत्याशी के समर्थक किसानों ने सोमवार को जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता से मुलाकात कर रिकाउंटिंग की मांग की। इस मौके पर हरप्रीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि 12 मार्च को ग्राम पंचायत जंडावाली में जल उपयोक्ता संगम बीके 24 के अध्यक्ष के चुनाव सम्पन्न हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में मतगणना के दौरान बैलेट पेपर के जरिए डाले गए 13 मतों को गलत तरीके से अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद लॉटरी के जरिए विजेता प्रत्याशी की घोषणा की गई लेकिन इस प्रक्रिया में विभाग की ओर से धांधली की गई। लॉटरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी नहीं करवाई गई। न ही पर्ची डालते समय दिखाया गया कि किस नाम की पर्ची है। दोनों नामों की डली गई एक पर्ची को उठाकर दर्शनसिंह को विजेता घोषित कर दिया गया। ढिल्लों के अनुसार मतगणना के दिन ही उनकी ओर से मुख्य अभियंता को आपत्ति दर्ज करवाई गई थी। उसके बाद चार दिन का अवकाश था। सोमवार को मुख्य अभियंता की ओर से आपत्ति का जवाब दिया जाना था। ढिल्लों ने कहा कि पहले सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से कहा जा रहा था कि इन चुनावों को लेकर न्यायालय में जाने का कोई प्रावधान नहीं है, क्योंकि यह विभागीय चुनाव हैं। इसको लेकर वे मुख्य अभियंता से मिले हैं। मांग न माने जाने पर आगामी रणनीति तय की जाएगी। एक अन्य किसान ने आरोप लगाया कि चुनावों में विभाग की ओर से धांधली की गई। जो प्रत्याशी हार रहा था, उसे विजयी बनाया गया जबकि जो प्रत्याशी जीत रहा था उसे हारा हुआ घोषित कर दिया। यह लोकतंत्र की हत्या है। लेकिन जागरूक लोग ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर आज भी विभाग के पास सुरक्षित पड़े हैं। उनकी मांग है कि बैलेट पेपर की दोबारा मतगणना करवाई जाए। अगर उनका प्रत्याशी हार रहा है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं। लेकिन पारदर्शिता आए और जनता में यह सन्देश जाए कि जो विभाग नहरों का संचालन करता है वह कितना ईमानदार है। वहीं हारे हुए प्रत्याशी जगजीत सिंह उर्फ जगना ने भी आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम में गड़बड़ी हुई है। पहले उन्हें कहा गया कि वे विजेता घोषित हुए हैं। बकायदा उनके हस्ताक्षर करवाए गए। उन्हें सरकारी गाड़ी पर घर तक छोड़ा गया। पुलिस कर्मी भी साथ रहे। बाद में कहा गया कि वे चुनाव हार गए हैं। उन्होंने भी रिकाउंटिंग करवाने की मांग की। इस मौके पर रणजीत सिंह, सन्तवीर सिंह, मनप्रीत सिंह, वरयाम खान, सरदार खां, राजेन्द्र ढूंढाडा, तरसेम सिंह, महेन्द्र माहर, उस्नाक जोइया, मनोहर, सुखमन्द्र सिंह रंगारा, इन्द्रजीत सिंह मान, मेजर मान, सुखप्रीत बराड़, मांगीलाल कुम्हार, गगनदीप, खुशदीप सिंह, टहलसिंह, बलदेव सिंह, बोहड़सिंह, अंग्रेज सिंह आदि मौजूद थे।