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महंगाई में थोड़ी राहत की उम्मीद:रिजर्व बैंक के कंफर्ट जोन में रह सकती है खुदरा महंगाई दर, दूसरी तिमाही तक निचले स्तरों पर आने का अनुमान

नई दिल्ली

अगस्त में खुदरा महंगाई कितनी रही, इसके आंकड़े आज आने वाले हैं। यह लगातार दूसरे महीने RBI के कंफर्ट जोन में रह सकती है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, अगस्त में महंगाई 5.60% रह सकती है। उसने यह आंकड़ा सर्वे में शामिल 41 अर्थशास्त्रियों के अनुमान के औसत के आधार पर दिया है।

RBI ने दिया है इस वित्त वर्ष महंगाई 5.70% रहने का अनुमान

जुलाई में खुदरा महंगाई पिछले साल के मुकाबले 5.59% रही थी जो तीन महीने का निचला स्तर था। रिजर्व बैंक ने इस वित्त वर्ष में महंगाई 5.70% रहने का अनुमान दिया है। जानकारों के मुताबिक, क्रूड ऑयल की मांग कमजोर रहने और खाने-पीने के सामान के दाम सीमित दायरे में रहने से महंगाई काबू में है।

खरीफ फसल की कटाई का सीजन आने पर घट सकती है महंगाई

महंगाई आगे भी काबू में रहे, इसको लेकर मॉनसून सीजन में अच्छी बारिश होने से उम्मीदें लगाई जा रही हैं, लेकिन इस मोर्चे पर अब तक खास अच्छी खबर नहीं मिली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का अनुमान है कि महंगाई दूसरी तिमाही तक ही निचले स्तरों पर आ पाएगी, जब खरीफ फसल की कटाई का सीजन आएगा।

महंगाई नीचे लाने के लिए जरूरी सामान का आयात किया जा रहा है

इधर, एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महंगाई घटने की बात कही है। उन्होंने कहा कि महंगाई को नीचे लाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। जो सामान जरूरी हैं, उनका आयात किया जा रहा है और पर्याप्त फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व होने से उसमें दिक्कत नहीं हो रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि ज्यादा इंपोर्ट से किसानों को नुकसान नहीं हो, इसके लिए उनको फसल की सही कीमत दिलाने की कोशिश की जा रही है।

खाने-पीने के सामान सस्ता होने पर आने वाले महीनों में घटेगा इनफ्लेशन

DBS बैंक की अर्थशास्त्री राधिका राव कहती हैं, ‘अगस्त में महंगाई जुलाई के लेवल के पास रह सकती है। बेस इफेक्ट के साथ खाने-पीने के सामान सस्ता होने से आने वाले महीनों में महंगाई और घट सकती है।’ सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों ने अगस्त में महंगाई सबसे कम 5.10% और सबसे ज्यादा 5.90% रहने का अनुमान दिया है।

ज्यादातर अहम इमर्जिंग मार्केट्स के बीच भारत की स्थिति बेहतर रहेगी

महंगाई ब्लूमबर्ग के सर्वे डेटा के आसपास रहती है, तो दूसरे अहम इमर्जिंग मार्केट्स के बीच भारत की स्थिति बेहतर रहेगी। तुर्की (19.25%), ब्राजील (9.68%), रूस (6.68%), फिलीपींस (4.90%) और इंडोनेशिया (1.59%) में महंगाई जुलाई के मुकाबले बढ़ी है। मेक्सिको (5.59%), चीन (0.80%) और थाईलैंड (-0.02%) में महंगाई में पिछले महीने गिरावट का रुझान रहा था।

विकसित देश भी बेहाल, US में महंगाई 13 साल के उच्चतम स्तर पर

महंगाई की मार सिर्फ भारत और दूसरे विकासशील देशों पर नहीं पड़ रही है, विकसित देशों का भी बुरा हाल है। अमेरिका में महंगाई दर के आंकड़े मंगलवार को आने वाले हैं, जहां वह 13 साल के उच्चतम स्तर पर है। उसकी वजह जरूरी सामान की सप्लाई में आ रही रुकावट और कोविड के चलते देशभर में लगी पाबंदियों के एकसमान तरीके से नहीं हटना है।

ब्रिटेन में BoE के टारगेट से डबल यानी 4% तक जा सकती है महंगाई

ब्रिटेन में महंगाई जून में तीन साल के उच्चतम स्तर, 2.4% पर पहुंच गई थी। अगले महीने मामूली तौर पर घटी, लेकिन गिरावट का यह ट्रेंड पक्का नहीं है। बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) ने अगस्त में इनफ्लेशन रेट 3% पर पहुंचने का अनुमान दिया है। वहां इसके आंकड़े बुधवार को आएंगे। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, गिरावट शुरू होने से पहले महंगाई साल के अंत तक BoE के टारगेट से डबल यानी 4% तक जा सकती है।

EU में महंगाई दर 3% पर पहुंची, नवंबर 2011 के बाद सबसे ज्यादा

जहां तक यूरोपियन यूनियन (EU) की बात है तो वहां अगस्त में महंगाई बढ़कर 3% तक पहुंच गई। यह नवंबर 2011 के बाद सबसे ज्यादा है। ताजा आंकड़े शुक्रवार को आने वाले हैं। यूरो जोन के सिर्फ चार देशों में पिछले महीने महंगाई 4% से नीचे रही है। यहां महंगाई के एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने की वजह फ्यूल कॉस्ट में बढ़ोतरी, ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावट है।

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