मुंबई
बीती कुछ तिमाहियों में कंपनियों का मुनाफा बढ़ने का असर उनके कर्ज में कमी के तौर पर दिखने लगा है। प्रमोटर बैंकों के पास गिरवी रखे शेयर छुड़ाने लगे हैं। बीती दो तिमाहियों में लगातार गिरवी रखे शेयरों की संख्या घटी है। बाजार में तेजी के बीच इस ट्रेंड को कॉरपोरेट्स की माली हालत सुधरने और उन पर कर्ज का बोझ कम होने का अच्छा संकेत माना जा रहा है।
अप्रैल-जून दूसरी ऐसी तिमाही जिसमें प्रमोटर्स ने गिरवी शेयर घटाए
ब्रोकरेज एंड रिसर्च फर्म कोटक सिक्युरिटीज के मुताबिक, अप्रैल-जून लगातार दूसरी ऐसी तिमाही रही, जब प्रमोटर्स ने गिरवी शेयर घटाए। अब BSE-500 में शामिल कंपनियों में एक भी ऐसी नहीं है, जिसका 90% से ज्यादा प्रमोटर होल्डिंग गिरवी हो। इतना ही नहीं, BSE-500 में शामिल सिर्फ 78 कंपनियों के प्रमोटर्स के कुछ शेयर गिरवी रह गए हैं। पहले यह संख्या 100 से ज्यादा थी। अल्टामाउंट कैपिटल मैनेजमेंट के डायरेक्टर प्रकाश दीवान के मुताबिक, इसका मतलब है कि कंपनियां कर्ज उतार रही हैं।
महामारी के बीच डेवलपर्स ने उतारा 37% कर्ज
देश में कोविड महामारी शुरू होने से लेकर इस साल जून के बीच लिस्टेड डेवलपर्स के कर्ज में 37% कमी आई है। मार्च 2020 से जून 2021 के बीच इन डेवलपर पर कर्ज का बोझ घटकर 27,400 करोड़ रुपए रह गया। ICICI सिक्युरिटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डीएलएफ, सनटेक रियल्टी, शोभा डेवलपर्स और ओबेरॉय रियल्टी ने सबसे ज्यादा कर्ज का बोझ घटाया। कर्ज की लागत में 0.80-1.60% कमी आना, बिजनेस चलाने का खर्च प्री-कोविड लेवल के मुकाबले 20-40% घटना, ऑपरेटिंग कैश सरप्लस, संपत्तियों की बिक्री और इक्विटी पूंजी बढ़ने की वजह से डेवलपर्स के कर्ज में कमी आई है।