जयपुर
भाजपा के वरिष्ठ विधायक कैलाश मेघवाल की ओर से गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ लिखे लेटर पर पार्टी में बवाल जारी है। इस लेटर में उन्होंने कटारिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष पद से हटाने की मांग की थी। इस मामले में बीजेपी प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने मेघवाल को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ऐसे बयानों को पार्टी ठंडे बस्ते में नहीं डालने वाली है। सही समय आने पर ध्यान रखा जाएगा। इस तरह की बयानबाजी से पार्टी को नुकसान होता है। अरुण सिंह बुधवार को जयपुर पहुंचे थे।
अरुण सिंह ने कैलाश मेघवाल के लेटर विवाद पर कहा- मैंने देखा नहीं सुना जरूर है। वे बहुत सीनियर व्यक्ति हैं। इतना जरूर सबको ध्यान रखना चाहिए पार्टी सर्वोपरि है। पार्टी के हितों का नुकसान न हो। लाखों कार्यकर्ता ऐसे हैं, जिन्हें कुछ नहीं मिला है और वे दिन रात काम कर रहे हैं। जिन्हें विधायक, सांसद सहित सब पद मिल गए, ऐसे लोग जब बोलते हैं तो कार्यकर्ताओं के मन में ठेस पहुंचती है। पहले व्यक्ति को अपने बार में नहीं पार्टी के बारे में सोचना चाहिए।
अरुण सिंह ने कहा- इस प्रकार की बयानबाजी से पार्टी को नुकसान होता है। एक तरफ कार्यकर्ता पार्टी के लिए दिन रात मेहनत करते हैं, लेकिन इस तरह के बयान आते हैं तो नुकसान होता है। पिछले कुछ दिनों और महीनों से जो नेता बयान देते हैं, हम आवश्य रूप से उनका संज्ञान ले रहे हैं। ऐसे बयानों पर सही समय पर पार्टी सही फैसला करेगी। विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है, ऐसे बयानों को नोट भी किया जा रहा है। सही समय आने पर इनका ध्यान रखेगी। इस तरह के बयानों को पार्टी ठंडे बस्ते में नहीं डालने वाली है।
आते ही डेमेज कंट्रोल में जुटे अरुण सिंह
अरुण सिंह ने जयपुर पहुंचते ही कैलाश मेघवाल के लेटर विवाद पर डेमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। इसे लेकर अरुण सिंह ने फीडबैक लिया। इस मामले में अरुण सिंह कैलाश मेघवाल से जवाब मांग सकते हैं। अरुण सिंह ने प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचदंद कटारिया से भी इस मामले में फोन पर बात की है। विधानसभा सत्र से ठीक पहले हुए विवाद में बीजेपी के लिए अजीब स्थति पैदा कर दी है, अरुण सिंह इस विवाद को अब ज्यादा बढ़ने नहीं देना चाहते।