मोहाली
नशा तस्करी से जुड़े मामले में अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया सोमवार को दोबारा मोहाली में एसआईटी के सामने पेश हुए। इस दौरान उन्होंने केस से जुड़े हुए कुछ अहम दस्तावेज एसआईटी को सौंपे हैं। मजीठिया सोमवार सुबह ठीक 11 बजे एसआईटी के सामने पेश होने के लिए पहुंच गए थे।
10 जनवरी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ड्रग्स केस में फंसे वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम मजीठिया को अंतरिम जमानत दी थी। साथ ही अदालत ने अकाली नेता को जांच में सहयोग करने का आदेश दिया था। मजीठिया ने अग्रिम जमानत मांगी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दी है। अग्रिम के लिए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा है।
20 दिसंबर को उनके खिलाफ पंजाब पुलिस ने नशे की तस्करी के आरोप में विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। उसके बाद से मजीठिया लापता चल रहे थे। पुलिस ने कई जगह छापे मारे लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आए। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में मजीठिया ने कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर राजनीतिक दुर्भावना और रंजिश के तहत दर्ज करवाई गई है।
इससे पहले शनिवार को अमृतसर में मजीठिया ने पंजाब के पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि डीजीपी ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। वहीं इस दौरान निकाले गए रोड शो के कारण मजीठिया पर कोविड प्रोटॉकाल तोड़ने पर एफआईआर दर्ज की गई है। चुनाव आयोग ने इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।