नई दिल्ली
पर्यावरण से संबंधित सुरक्षा उपायों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए अखिल भारतीय सेवा की तर्ज पर भारतीय पर्यावरण सेवा का गठन करने की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत ने इस याचिका को लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को नोटिस जारी किया।
न्यायाधीश एसके कौल और एमएम सुंदरेश की पीठ ने मंत्रालय को नोटिस जारी करते हुए पीठ ने यह संदेह भी व्यक्त किया कि क्या वह एक अलग अखिल भारतीय सेवा के निर्माण के लिए परमादेश जारी कर सकता है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि इस बात की जांच की जा सकती है कि क्या केंद्र का इरादा पूर्व कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों को लागू करने का है।
सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता समर विजय सिंह की ओर से दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। समर विजय सिंह ने पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में पर्यावरण और वन मंत्रालय की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति की ओर से 2014 में प्रस्तुत रिपोर्ट का हवाला दिया है। इसमें एक नई अखिल भारतीय सेवा ‘भारतीय पर्यावरण सेवा’ का गठन करने की सिफारिश की गई है।