जयपुर
यूक्रेन से राजस्थान की 8 छात्राएं अपने घर लौट आई है। ये सभी छात्राएं 10.30 की फ्लाइट से मुंबई से जयपुर पहुंचीं। जयपुर एयरपोर्ट पर महिला एवं बाल विका मंत्री ममता भूपेश ने रिसीव किया। ममता भूपेश ने छात्राओं से कुशलक्षेम पूछी। सभी छात्राओं ने सकुशल लौटने पर गहलोत सरकार के प्रयासों की सराहना की। सभी छात्राओं ने यूक्रेन की युद्धग्रस्त परिस्थितियों में राजस्थान के स्टूडेंट्स को सुरक्षित जयपुर लाने के लिए सीएम अशोक गहलोत को धन्यवाद दिया। छात्राओं ने अपने अनुभव भी साझा किए। छात्राओं का कहना था कि हर समय रूसी सेना के आने की सूचना से डर एवं दहशत के माहौल में रहते थे। राजस्थान के कई छात्र फंसे हुए है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें भी जल्द से जल्द स्वदेश लाएगी।
मेडिकल की पढ़ाई के लिए गई थी सभी छात्राएं यूक्रेन
सभी छात्राएं मेडिकल के विभिन्न पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गई हुई थी। सभी छात्राएं, जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर और कोटा की रहने वाली है। छात्राओं का कहना था कि भारतीय दूतावास ने सही समय पर मदद की। जिसकी वजह से हम स्वदेश आएं है। हर समय रूसी सेना के हमले की चिंता रहती थी। अभी हमारे दोस्त है जो यूक्रेन में फंसे हुए है। हम लोग उनके जल्दी से जल्दी आने का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय दूतावास ने हमारी मदद की है। भारतीय अधिकारियों ने बाॅर्डर क्रास कराया। रूमानिया के एयरपोर्ट से मुंबई के लिए रवाना किया। राजस्थान के स्टूडेंट्स दिल्ली भी आए है। मुबंई एयरपोर्ट पर राजस्थानी अधिकारियों ने हमारी पूरी मदद की। हमें बहुत अच्छे तरीके से रखा गया।