जालोर।
एक ओर जहां देश आजादी के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं दूसरी ओर छुआछूत और सामाजिक बहिष्कार जैसी प्रथाएं अपने मूलरूप में ही कायम हैं। आज भी दलित समुदाय के लोगों को मंदिर प्रवेश से रोका जा रहा है। राजस्थान के जालोर जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें दलित समुदाय के एक नवविवाहित जोड़े को मंदिर में प्रवेश से ना सिर्फ रोका गया, बल्कि उन्हे अपमानित भी किया गया। पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया गया कि आहोर तहसील के साडन गांव से ऊकाराम राठौड की बारात नीलकंठ गांव के हुकमाराम मेघवाल के घर आई थी, जहां ऊकाराम की शादी संतु के साथ हुई।