जयपुर
राजस्थान में बीते 24 घंटे के दौरान 33 में से 30 जिलों में बारिश हुई है। जैसलमेर, बूंदी और बारां को छोड़कर सभी जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे ज्यादा बरसात उदयपुर जिले के कोटड़ा में करीब साढ़े चार इंच (112MM) दर्ज हुई। उदयपुर के अलावा भरतपुर और अलवर के एक-दो इलाकों में भी 3 इंच से ज्यादा बरिश रिकॉर्ड की गई है।
मानसून की इस रफ्तार से उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त में जो कम बरसात हुई थी, उसकी रिकवरी इस महीने होने की उम्मीद है। सितम्बर शुरू होने के बाद अब तक राज्य में रुक-रुककर हर जगह बारिश हुई है, जो अगले 7-8 दिन और चलने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी में जो सिस्टम एक्टिव हुआ है, उसके कारण 15 सितम्बर से राज्य में अच्छी बरसात होगी।

उदयपुर जिले के वल्लभनगर में कानो स्थित जोशीला तालाब जो बारिश के पानी से लबालब होकर छलकने लगा।
सितंबर में हुई बारिश का असर ये पड़ा है कि सूखाग्रस्त क्षेत्र बीकानेर, गंगानगर, बाड़मेर, जालौर, सिरोही में भी किसानों को थोड़ी राहत मिली है। वहीं, प्रदेशभर बीते 15 दिन के अंदर 24 छोटे-बड़े बांधों में पानी की आवक हुई है। उदयपुर, सिरोही, सीकर, राजसमंद, प्रतापगढ़, पाली, जोधपुर, नागौर, बाड़मेर, अलवर, जयपुर, धौलपुर, चित्तौड़गढ़ समेत कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। उदयपुर में पिछले 18 घंटे से बारिश हो रही है। जिले की सबसे बड़ी नदी सोम में पानी की अच्छी आवक हुई। कैचमेंट इलाकों में बारिश के बाद पिछोला झील के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
अब आगे क्या?
जयपुर मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। साथ ही पूर्वी राजस्थान के ऊपर सक्रिय लो प्रेशर एरिया के साथ चक्रवातीय गतिविधियां और प्रभावशाली होकर साइक्लोन में तब्दील हुई है। वहीं अरब सागर से लेकर गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ से होते हुए ओडीशा-बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके प्रभाव के कारण अगले 15 सितम्बर से राजस्थान में तेज बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं, जो करीब एक सप्ताह तक जारी रहेगी।

बीकानेर के धरणीधर तालाब में पानी आने के बाद श्रावणी कर्म करते लोग।
45 MM से ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र
| शहर (जिला) | बारिश (MM) |
| ब्यावर (अजमेर) | 46 |
| मंडावर (अलवर) | 79 |
| बहरोड़ | 72 |
| नीमराणा | 63 |
| बानसूर | 50 |
| कोटकासिम | 50 |
| घाटोल (बांसवाड़ा) | 66 |
| भूंगड़ा | 50 |
| सीकरी (भरतपुर) | 80 |
| सरेरी डेम (भीलवाड़ा) | 65 |
| करेड़ा | 50 |
| कोटड़ी | 45 |
| डूंगला (चित्तौड़गढ़) | 57 |
| चूरू | 49 |
| सरमथुरा (धौलपुर) | 65 |
| सैंपऊ | 56 |
| फागी (जयपुर) | 74 |
| जमवारामगढ़ | 62 |
| छोटी सादड़ी (प्रतापगढ़) | 60 |
| देवगढ़ (राजसमंद) | 53 |
| खंडार (सवाई माधोपुर) | 56 |
| वेस्ट बनास (सिरोही) | 52 |
| कोटड़ा (उदयपुर) | 114 |
| कानोड़ | 80 |
| मकराना (नागौर) | 50 |
| श्रीगंगानगर | 71 |

उदयपुर में तेज बारिश के बाद बरसाती नदी में बहता पानी।