बाड़मेर
राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर जिले में जातीय पंचों से आहत होकर एक दलित परिवार गांव छोड़ने का मजबूर हो गया है। परिवार का आरोप है कि जातीय पंचों से उन्हें समाज से बहिष्कृत कर उन पर 15 लाख का जुर्माना लगा दिया है। इतना ही नहीं पंचों के दबाव में गांव में उनसे ना कोई बात करता है और ना ही उन्हें कोई सामान देता है, जिसके बाद मजबूर होकर उन्हें गांव छोड़ना पड़ा और अब पूरा परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहा है। मामला बाड़मेर जिले के सेड़वा थाने के गौड़ा गांव का है।
लड़की के साथ जाने से नाराज है जातीय पंच
बताया गया कि गौड़ा गांव निवासी पीड़ित प्रतापाराम भील का बेटा एक लड़की के साथ चला गया था और उससे शादी करना चाहता था। इसी बात को लेकर जातीय पंच नाराज थे। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित ने बताया कि पंचों की नाराजगी को देखते हुए उसने लड़की को वापस भेज दिया और अब लड़की की शादी भी दूसरी जगह हो गयी है, लेकिन फिर भी पंच उससे बदला ले रहे है।