उदयपुर
राजस्थान में इस साल रिकॉर्डतोड़ सर्दी पड़ने का कारण वे हवाएं हैं, जो अब तक जम्मू-कश्मीर तक ही सीमित रहती थी। यह हवाएं जम्मू-कश्मीर से खिसककर पंजाब तक आ गई हैं, इसलिए राजस्थान के कई शहरों में तापमान माइनस में चला गया है। यह दावा है उदयपुर के मौसम वैज्ञानिक और रिमोट सेंसिंग एक्सपर्ट प्राेफेसर नरपत सिंह राठौड़ का। जो सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रह चुके हैं। साथ ही इसरो और रिमोट सेंसिंग एसोसिएशन से जुड़े हैं।
प्रोफेसर नरपत का दावा है कि राजस्थान में इस साल दिसम्बर के तीसरे सप्ताह में जो कंपकंपा देने वाली ठंड पड़ी है, उसकी वजह जेट स्ट्रीम है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पहली बार जेट स्ट्रीम जम्मू-कश्मीर के दक्षिण में पंजाब तक खिसक आई है। आम तौर पर यह कश्मीर तक ही रहती थी, लेकिन तिब्बत और मध्य एशिया से ठंडी हवाएं राजस्थान तक पहुंच रही हैं। इस वजह से राजस्थान में असहनीय ठंड का प्रकोप देखने को मिला है।
प्रोफेसर ने बताया कि 15 से 21 दिसंबर इंडियन सेटेलाइट की तस्वीरों के वाटर वेपोर पिक्चर से यह अनुमान लगाया गया है कि जेट स्ट्रीम के पंजाब के मैदान तक स्पष्ट देखी गई हैं। पिछले लगभग 15 वर्षों के भारतीय मौसम विभाग द्वारा उपग्रहों चित्रों के विश्लेषण करने पर पता चला कि 16 से 20 दिसंबर के बीच सम्पूर्ण उतर-पश्चिमी भारत तापमान के अचानक कम का मुख्य कारण पश्चिमी से आने वाली जेट स्ट्रीम का दक्षिण तक पंजाब के मैदानी भागों पर खिसकना है। पहली बार मध्य दिसंबर कड़ाके ठंड पड़ी, जबकि उन्हीं दिनों गंगा के मैदानी भागों ठंड असर कम रहा है।