जयपुर (वार्ता). राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकार के कुशल प्रबंधन के कारण राजस्थान हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है और सभी के सहयोग से वर्ष 2030 तक देश का सिरमौर बनेगा।
श्री गहलोत शनिवार को सांचौर में 2210 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण- शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की अनूठी जनकल्याणकारी योजनाओं की देशभर में सराहना हो रही है। श्री गहलोत ने कहा कि राज्य के विकास को और अधिक गति देने के लिए 19 नए जिलों की घोषणा की गई है। सांचौर को जिला बनाने से क्षेत्र तेजी से विकास करेगा। यहां विभिन्न प्रशासनिक इकाइयां स्थापित होने से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा। मूलभूत सुविधाओं की पहुंच भी आमजन तक सुगम हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की पेयजल व स्ािंचाई संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
श्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। राज्य में एक लाख किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाई जा रही हैं जिनमें से 56 हजार किमी. सड़कें बन चुकी हैं तथा 44 हजार किमी. सड़क निर्माण कार्य जारी है। राज्य सरकार का ध्येय है कि सभी के सहयोग से राजस्थान वर्ष 2030 तक विकास के हर क्षेत्र में देश का नंबर वन राज्य बने।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सांचौर में देवनारायण आवासीय छात्रावास और राजीव नगर ग्राम पंचायत में 33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन खोलने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को महंगाई से राहत देने के लिए राज्य सरकार द्वारा महंगाई राहत कैम्प लगाए जा रहे हैं। देशभर में आज जनता महंगाई की मार से परेशान है। इन शिविरों के माध्यम से 10 योजनाओं के द्वारा लोगों को अधिकतम राहत पहुंचाई जा रही है। सरकार के इस प्रयास से आमजन के चेहरों पर खुशी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेशवासियों को 500 रुपए में गैस सिलेण्डर, 25 लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज, न्यूनतम 1000 रुपए पेंशन, दुधारू पशुओं का बीमा, अन्नपूर्णा फूड किट, मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना तथा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 100 यूनिट, 200 यूनिट तक सभी सरचार्ज एवं कृषि उपभोक्ताओं के लिए 2000 यूनिट बिजली नि:शुल्क दिए जाने जैसी योजनाएं लागू की गई हैं।
श्री गहलोत ने कहा कि आज राजस्थान सरकार की योजनाएं पूरे देश में चर्चा का विषय हैं। चिरंजीवी योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं लागू करने वाला राजस्थान अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गौशालाओं को नौ महीने तथा नंदीशालाओं को 12 महीने का अनुदान दिया जा रहा है। नई नंदीशाला शुरू करने पर 1.56 करोड़ रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अब तक एक लाख पदों पर नियुक्तियां दे चुकी है। लगभग 1.50 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है तथा एक लाख नई नौकरियों की घोषणा की गई है। साथ ही 100 मेगा जॉब फेयर लगाकर भी युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
श्री गहलोत ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राजस्थान अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं। इसी कड़ी में अब राज्य सरकार एक करोड़ 35 लाख महिलाओं को तीन साल की इंटरनेट सुविधा के साथ मोबाइल फोन नि:शुल्क देने जा रही है। प्रथम चरण में राज्य की 40 लाख महिलाओं को मोबाइल फोन दिए जाएंगे।
श्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान में आईआईटी, आईआईएम, निफ्ट जैसे विश्व स्तरीय संस्थान खुले हैं। राज्य में गत चार साल में 303 नए कॉलेज खोले गए हैं इनमें 130 गर्ल्स कॉलेज शामिल हैं। आरटीई के तहत 12वीं कक्षा तक शिक्षा नि:शुल्क कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अनुप्रति कोच्ािंग योजना के तहत 30 हजार बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी करवाने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर को बड़ौदा के महाराजा ने अध्ययन के लिए विदेश भेजा था और वहां से लौटकर वे महान कानूनविद व संविधान निमार्ता बने। इसी सोच के साथ राज्य सरकार राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना के तहत 500 मेधावी विद्यार्थियों को विदेश भेज रही है ताकि ये बच्चे विभिन्न क्षेत्रों में शीर्ष मुकाम पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार ने जीरो टोलरेंस नीति अपनाते हुए भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पेपरलीक की रोकथाम के लिए कानून बनाया गया है। पेपरलीक में लिप्त असामाजिक तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।