मुंबई
‘एक वुमनिया सब पर भारी, जनहित में सूचना जारी…’ यह डायलॉग राज शांडिल्य द्वारा लिखित और निर्मित ‘जनहित में जारी’ फिल्म का है। गंभीर मुद्दे पर बन रही यह फिल्म सटायर के साथ बुनी जा रही है। इस फिल्म में नुसरत भरूचा के अलावा विजय राज, टीनू आनंद, अनुद सिंह, इश्तियक खान, पारितोष त्रिपाठी जैसे कलाकार हैं। फिल्म का डायरेक्शन जय बासंतु सिंह कर रहे हैं। अब राज शांडिल्य ने बातचीत में फिल्म और इसकी मेकिंग से जुड़े कई रोचक तथ्यों के बारे में बताया है।
ऐसे आया कहानी का आइडिया
दुनिया में जितनी भीड़ बढ़ती जा रही है, उतना ही लोग अकेले होते जा रहे हैं। मैंने बस, ट्रेन, एयरपोर्ट… हर जगह भीड़ देखी। एक पद के लिए हजारों आवेदन आ रहे हैं। जनसंख्या से एज्युकेशन, हमारा रोजगार, क्राइम आदि चीजों पर असर पड़ता है। इसका थॉट इसलिए आया कि ऐसा क्या हो, जिससे इसे रोकने का उपाय हो। लोगों को क्या समझाएंगे। खासकर महिलाओं को, क्योंकि बच्चे उन्हें करने होते हैं। यह सब सोचते हुए थॉट आया कि इस तरह की फिल्म बननी चाहिए। फिर लिखने बैठा तो एक महीने में कहानी लिख डाली। जनरली ऐसी कहानियों पर कोई हाथ डालता नहीं है। मुझे ऐसा लगा कि जो चीज मैंने लिखी है, उसे ढंग से प्रोड्यूस नहीं कर पाऊंगा। फिल्म का आइडिया मुझे साल 2017 में आया था। लेकिन ‘ड्रीम गर्ल’ में व्यस्तता ज्यादा हो गई। उसके रिलीज के बाद सोचा कि अब इसे बनाया जाए।
विषय बड़ा गंभीर है, पर ह्यूमर के साथ दिखाया जाएगा
‘जनहित में जारी’ पापुलेशन कंट्रोल पर है। आज देश में जो जनसंख्या बढ़ रही है, उस पर आज उपाय नहीं किए तो यह विशाल रूप ले लेगी। जनसंख्या को लेकर अवेयरनेस लाने की कोशिश की गई है, सो कंडोम वगैरह की बात जरूर होगी। एक औरत के लिए क्या सही और क्या गलत है। इस बात का अहसास होने पर एक वुमनिया क्या-क्या कर सकती है, वह सब दिखाया गया है। छोटे शहर की लड़की और ज्यादा खतरनाक हो जाती है। यह कंप्लीट फैमिली फिल्म है। विषय बड़ा गंभीर है, पर ह्यूमर के साथ है।