Thursday, May 7निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

रोजाना साढ़े सात घंटे से कम नींद लेने पर सोचने-समझने की क्षमता और याद्दाश्त घट सकती है, रिसर्च में लगी मुहर

जरूरत से कम और जरूरत से ज्यादा नींद लेना, दोनों ही सेहत के लिए ठीक नहीं है। ऐसे लोगों में सोचने-समझने की क्षमता घटती है। यह दावा वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में किया है। शोधकर्ता और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. ब्रेंडेन लूसी का कहना है, अधूरी नींद या ठीक से नींद न आने पर सीधा असर दिमाग पर पड़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *