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लम्पी से बचाव के लिए विशेष कार्ययोजना बनाए सरकार

  • विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम उपखण्ड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    प्रदेश के गोवंश में फैली लम्पी स्किन डिजीज से बचाव के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने का आदेश राज्य सरकार को प्रदान करने की मांग को लेकर विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राज्यपाल के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर विहिप व बजरंग दल के प्रांत संयोजक आशीष पारीक ने कहा कि 3 माह से राजस्थान और विशेषकर पश्चिमी राजस्थान के गोवंश में एक भयानक चर्म रोग लम्पी फैला हुआ है, जिसने हर आयु नस्ल के गोवंश को अपनी चपेट में ले रखा है। इस रोग से गोवंश के शरीर में गांठे हो रही हैं तथा पशु बुखार से ग्रसित होकर तड़फ-तड़फ कर काल का ग्रास बन रहा है। शरीर में हुई गांठों के फूटने से वहां घाव बन रहा है तथा उसमें से रक्त व मवाद बहने लगता है। साथ ही पशुओं में कीड़े पड़ रहे हैं। इससे भी बड़ी संख्या में गोमाता व नन्दी मर रहे हैं। अब तक के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में लगभग 60 से 70 हजार गोवंश की अकाल मृत्यु हो चुकी है। लेकिन चिंता की बात यह है कि राजस्थान सरकार की ओर से अभी तक कोई विशेष व गम्भीर कदम इस भीषण आपदा व महामारी से निपटने के लिए नहीं उठाए गए हैं। राजकीय पशु चिकित्सालयों में डॉक्टरों तथा मेडिकल स्टाफ व सुविधाओं, आवश्यक दवाइयों की भयंकर कमी के कारण गोवंश का समुचित उपचार नहीं हो रहा है। राज्य सरकार ने सामान्य पशुपालकों जिनकी गुजर-बसर व आय का साधन ये पशु धन ही है, इन कीमती पशुओं की असामयिक मृत्यु पर पशुपालकों को कोई क्षतिपूर्ति राशि प्रदान नही की है। साथ ही इस रोग को महामारी घोषित के कोई ठोस कदम भी नहीं उठाए गए हैं। मृत गोवंश के उचित निस्तारण की कोई ठोस प्रशासकीय व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण खुले में पड़े उनके शवों को कुत्ते आदि जानवर नोच रहे हैं तथा सड़ांध से मनुष्यों में बीमारियां फैलने की भयंकर आशंका हो रही है। जबकि सरकार की ओर से स्टाम्प पर गो टेक्स व सेस आदि लिए जाते हैं। इससे राजकोष में करोड़ों रुपए गाय के नाम पर जमा होते हैं। उसका भी कोई उपयोग नहीं किया जा रहा है। जबकि विभिन्न सनातनी, धार्मिक, सामाजिक संगठन, समाज सेवी, गोसेवक, मठ, मन्दिर, साधु-सन्यासी आदि अपने-अपने स्तर पर पूर्ण रूप से इस समय गोवंश को इस रोग से बचाव व सेवा कार्यों में सतत लगे हुए हैं। जबकि प्रदेश के मुखिया अशोक गहलोत का पूरा ध्यान केवल दिल्ली यात्रा व राहुल गांधी की राजनीति संवारने में लगा हुआ है। इन मूक प्राणियों की दुर्दशा से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। सरकार के मंत्री व अफसर भी मात्र लीपापोती में लगे हुए हैं, कोई बड़ा कदम अब तक नहीं उठाया है। विधानसभा के आगामी सत्र में भी इस महामारी पर विधायकों के प्रश्नों को कोई महत्व नहीं दिया गया है। उन्होंने मांग की कि इस गम्भीर विषय पर राज्य सरकार को त्वरित कार्यवाही व बचाव के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने का आदेश प्रदान किया जाए। यदि सरकार समय पर नहीं चेती तो विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल की ओर से गोरक्षा के लिए बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर राजेन्द्र स्वामी, अशोक शर्मा, मधुसूदन शर्मा, विजय सिंह, गुरतेज सिंह, रोहिताश, यश, सुभाष खीचड़, मुकेश तरड़, महेंद्र पूनिया, पवन तरड़, मोहित, लवली, अरविंद जोशी, संदीप गोदारा, भीम चौधरी, अनमोल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।