कोरोना काल में अक्षय कुमार, सिद्धार्थ मल्होत्रा, अजय देवगन के बाद आमिर खान ने भी अपनी मेगाबजट फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली है। श्रीनगर में सोमवार की शाम उनकी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ रैप अप हो गई है। फिल्म से जुड़े सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “अब बमुश्किल मुंबई और जयपुर में गिनती की शूटिंग बाकी रहेगी। वहां सिर्फ पैच वर्क का काम होगा। मेकर्स के लिए करगिल शेड्यूल सबसे लंबा और अहम था। वहां फिल्म के हीरो लाल सिंह चड्ढा की आर्मी में भर्ती की ट्रेनिंग से लेकर, बाला से दोस्ती और करगिल वॉर के सीक्वेंस तक को शूट किया गया है। फिल्म में हीरो के दोस्त का नाम बाला है। उसे नागार्जुन के बेटे नागा चैतन्य ने प्ले किया है।”
आमिर खान ने कारगिल में बनवाई ढाई किलोमीटर लंबी सड़क
करगिल के डीएम संतोष सुखदेव ने दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान एक रोचक तथ्य शेयर किया और कहा, “सरुखा थांग वाली लोकेशन पर सड़क पर चौड़ाई कम थी। वहां आमिर खान ने ढाई किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण करवाया। उसमें उन्होंने अपनी तरफ से कॉन्ट्रैक्टर हायर किए और सड़क बनवाई। फिर वहां उन्होंने शूटिंग की।”
यह फिल्म क्रिसमस तक रिलीज हो सकती है
फिल्म से जुड़े सूत्रों ने और जानकारियां साझा करते हुए बताया, “आमिर खान के सिर से बहुत बड़ा बोझ उतर गया है। अब उन्होंने राहत की सांस ली है। सुनिश्चित हो गया है कि अब इस फिल्म में और देरी नहीं होगी। इसी क्रिसमस पर फिल्म रिलीज हो सकती है।
हालांकि ऐसे में उन्हें अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा’ से टकराना होगा। इस शेड्यल में हीरो की इंडियन आर्मी में ट्रेनिंग से लेकर वहां बाला से हुई दोस्ती का सीक्वेंस फिल्माया गया है। ट्रेनिंग वाला पोर्शन की शूटिंग तो 2 अगस्त से 9 अगस्त तक श्रीनगर में चली। दोस्ती और वॉर के सीक्वेंस कारगिल में फिल्माए गए थे। सबको डर था कि अगर मौसम या किसी और वजह से भी कारगिल शेड्यूल नहीं हुआ तो आगे फिल्म को कोविड की तीसरी लहर की संभावित मार झेलनी पड़ सकती है।”
शूटिंग के दौरान इंडियन आर्मी से ज्यादा सपोर्ट लेने की जरूरत नहीं पड़ी थी
सिर्फ कारगिल वॉर के सीक्वेंस 23 दिनों तक फिल्माए गए। इसकी शूटिंग 6 जुलाई को शुरू हुई थी। वह 29 जुलाई को पूरी हो गई। फिर सब श्रीनगर आए। वहां 2 अगस्त से लेकर 9 अगस्त की रात तक शूटिंग चली। कारगिल में वो पूरा क्रू 29 जून को पहुंचा था।
फिर 6 जुलाई से सबने कंटीन्यू शूट किया। बीच में ईद का एक ब्रेक रहा था। सूत्रों ने बताया, “यहां ‘शेरशाह’ की तरह बोफोर्स तोप बनाकर नहीं ले जाए गए थे। वह इसलिए कि ‘शेरशाह’ तो करगिल वॉर को ही समर्पित है। ‘लाल सिंह चड्ढा’ की कहानी ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ से लेकर करगिल वॉर तक ट्रैवेल करती है। ऐसे में यहां इंडियन आर्मी से बहुत ज्यादा सपोर्ट लेने की जरूरत नहीं पड़ी।”
आमिर ने करगिल पर एक करोड़ रुपए खर्च कर रास्ता तैयार करवाया
आमिर खान प्रोडक्शन हाऊस के सूत्रों ने एक और अतिरिक्त जानकरी दी। वह यह कि लोकेशन रेकी के दौरान उन्हें कारगिल में पहाड़ की ऊंचाई पर एक लोकेशन पसंद आया। वह वहां करगिल एयरपोर्ट बनने वाले थे। उस लोकेशन तक पहुंचने के लिए सड़क बहुत पतली थी। वहां आमिर खान ने एक करोड़ रुपए खर्च कर रास्ता तैयार करवाया। प्रशासन को डेढ़ महीने का वक्त दिया। बाद में वहां से एक बार में दो-दो ट्रक गुजरने लगे।