मुंबई
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बावजूद देश में जून तिमाही में सोने की मांग 19.2% बढ़ गई। इस दौरान देश में सोने की उपभोक्ता मांग बढ़कर 76.1 टन हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 63.8 टन थी। हालांकि, प्री-कोविड स्थिति यानी 2019 की जून तिमाही से यह अब भी दो तिहाई कम है। 2019 की जून तिमाही में देश में 213.2 टन सोने की मांग आई थी।
जून तिमाही में गोल्ड ज्वेलरी की मांग 55.1 टन रही
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (इंडिया) के सीईओ सोमसुंदरम पीआर के मुताबिक, जून तिमाही के दौरान देश में गोल्ड ज्वेलरी की मांग 55.1 टन और गोल्ड की निवेश मांग 21 टन रही। अप्रैल-जून 2021 के दौरान भारत ने 120.4 टन सोना इंपोर्ट किया, जबकि पिछले साल इस अवधि में कोविड की वजह से सिर्फ 10.9 टन सोना इंपोर्ट किया गया था।
देश में घट रही गोल्ड की प्रति व्यक्ति सालाना खपत
- भारत में गोल्ड की प्रति व्यक्ति सालाना खपत घट रही है। 2018 में यह 0.6 ग्राम, 2019 में 0.5 ग्राम और 2020 में 0.3 ग्राम रही।
- केंद्रीय बैंकों की शुद्ध खरीदारी जून तिमाही में 214% बढ़ी। इस साल जून तिमाही में यह 199.9 टन रही। पिछले साल यह 63.7 टन थी।
- भारत में बार-कॉइन की मांग जून तिमाही में सालाना आधार पर 7% बढ़कर 21 टन हो गई। पिछले साल समान तिमाही में यह 19.8 टन थी।
- वैश्विक स्तर पर जून तिमाही में ETF में सोने की मांग 90% कम रही। एक साल पहले यह 427.5 टन थी, जबकि बीती तिमाही 40.7 टन।
- टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी गोल्ड की डिमांड जून तिमाही में 18% बढ़कर 80 टन के स्तर पर पहुंच गई, जो एक साल पहले 68.1 टन थी।
गोल्ड की रिसाइकलिंग में 43% का इजाफा
देश में गोल्ड रिसाइकलिंग 43% बढ़ी है, इसकी मुख्य वजह कोरोना महामारी के चलते आर्थिक गतिविधियां सुस्त पड़ना है। अप्रैल-जून तिमाही में 19.7 टन गोल्ड रिसाइकल हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 13.8 टन गोल्ड रिसाइकल किया गया था। डब्ल्यूजीसी के मुताबिक, जून के दूसरे हफ्ते में ज्वैलर्स ग्राहकों को प्रति 10 ग्राम 235-260 रुपए डिस्काउंट की पेशकश कर रहे थे। जून के तीसरे हफ्ते से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई। यह डिस्काउंट घटकर प्रति 10 ग्राम 105 रुपए के आसपास रह गया था। वैश्विक स्तर पर जून तिमाही में सोने की मांग 1% घटकर 955.1 टन रही, जबकि सप्लाई 13% अधिक रही।