नई दिल्ली
शालिनी चौधरी की मां सरोज के आंसू थम नहीं रहे हैं। उनकी बेटी की आंखों की रोशनी बचपन में ही चली गई थी। बावजूद इसके उन्होंने शालिनी को एथलीट बनाया। शालिनी और उनकी मां रविवार की शाम तक बेहद खुश थे। आखिर उनकी बेटी को बहरीन में होने जा रहे एशियाई यूथ पैरा गेम्स में खेलने का मौका मिलने जा रहा था।
दोनों मां-बेटी राजस्थान से बहरीन जाने के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर पहुंचे, लेकिन इमिग्रेशन की ओर से उनका वीजा को गलत ठहराते हुए उन्हें वापस लौटा दिया गया। उन्होंने पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया से लेकर आयोजकों तक से गुहार लगाई, लेकिन हल नहीं निकला। सिर्फ शालिनी ही नहीं बल्कि डिस्कस थ्रोअर विकास भाटीवाल को भी एयरपोर्ट से लौटना पड़ा।