विरोध के बीच जिला अस्पताल के बाहर कियोस्क पर चला पीला पंजा
by seemasandesh
कार्यपालक मजिस्ट्रेट व भारी पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में नगर परिषद के अमले ने हटाए अतिक्रमण हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। टाउन के राजकीय जिला चिकित्सालय के बाहर अतिक्रमण के रूप में चिह्नित कियोस्कों पर शुक्रवार सुबह नगर परिषद का पीला पंजा चला। भारी विरोध के बीच नगर परिषद की जेसीबी की मदद से करीब एक दर्जन कियोस्क ध्वस्त किए गए। हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के चलते तीन कियोस्क नहीं हटाए गए। इस कार्रवाई को कार्यपालक मजिस्ट्रेट व भारी पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में नगर परिषद के अमले की ओर से अंजाम दिया गया। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में कियोस्क धारियों ने जमकर विरोध किया। लेकिन उनकी एक न चली। इससे पहले सुबह अतिक्रमण हटाने के लिए जिला कलक्टर की ओर से कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए तहसीलदार हरदीप सिंह के अलावा एससीएसटी सेल सीओ प्रहलाद राय, टाउन थाना के कार्यवाहक प्रभारी एसआई पूर्णसिंह व नगर परिषद के सहायक अभियंता वेदपाल गोदारा के नेतृत्व में भारी पुलिस जाप्ता व नगर परिषद का अमला कब्जे हटाने के लिए जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर जिला अस्पताल के समक्ष पहुंचा। नगर परिषद की जेसीबी से कियोस्क तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाती इससे पहले ही पिछले करीब एक सप्ताह से धरना दे रहे कियोस्क धारियों, उनके परिवार की महिलाओं ने भाजपा पार्षद प्रदीप ऐरी, पूर्व पार्षद देवेन्द्र पारीक व आम आदमी पार्टी की विमला मोदी के नेतृत्व में विरोध शुरू कर दिया। कियोस्क धारी व उनके परिवार की महिलाओं ने कियोस्क से बाहर निकलने से मना कर दिया। लेकिन पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने पुरुषों व महिलाओं को पकड़कर कियोस्क से बाहर निकाला। विरोध कर रहे हुए प्रदीप ऐरी व देवेन्द्र पारीक को पुलिस हिरासत में लेकर सरकारी जीप में बैठाकर अन्यत्र ले गई। विरोध के चलते एकबारगी माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद कियोस्क धारियों की आंखों के सामने नगर परिषद की जेसीबी की मदद से एक-एक कर करीब एक दर्जन कियोस्क ध्वस्त कर दिए गए। वहीं तीन दुकानों को हाईकोर्ट से स्टे होने के कारण तोड़ने से वंचित रखा गया। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने से पहले हालांकि अधिकतर कियोस्क धारियों ने दुकानें खाली कर दी थी। लेकिन जिन दुकानों में सामान रखा हुआ था वह भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले बाहर निकाल लिया गया। कियोस्क धारियों ने नगर परिषद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तानाशाही करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि 20 साल पहले नगर परिषद ने ही उन्हें यहां बसाया और अब नगर परिषद ही उन्हें उजाड़ रही है। इससे वे सड़कों पर आ जाएंगे। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले नगर परिषद की ओर से कियोस्क धारियों को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानें खाली करने को कहा गया था।