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शराब कारोबारियों की चेतावनी- सरकार नहीं जागी तो उठा सकते हैं आत्महत्या करने का कदम

  • नौ दिनों से आंदोलन कर रहे अनुज्ञाधारी शराब कारोबारी, अब शुगर मिल पर जड़ा ताला
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    हर माह गारन्टी की 50 प्रतिशत आरएमएल का उठाव करने के लिए मजबूर करने से परेशान अनुज्ञाधारी शराब कारोबारियों का बेमियादी आंदोलन शुक्रवार को लगातार नौवें दिन व क्रमिक अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को अनुज्ञाधारी शराब कारोबारियों ने शुगर मिल पर ताला जड़कर विरोध दर्ज करवाया। उन्होंने सुनवाई न होने पर आगामी दिनों में बड़ा कदम उठाने की चेतावनी सरकार को दी। साथ ही मांग के संबंध में उपखण्ड अधिकारी डॉ. अवि गर्ग को जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर प्रदीप तिवाड़ी ने कहा कि राजस्थान सरकार व आबकारी विभाग की दोगली नीति के खिलाफ अनुज्ञाधारी शराब कारोबारी नौ दिनों से धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से अनुज्ञाधारी शराब ठेकेदारों की घोर अनदेखी की जा रही है। इसके विरोध में शुगर मिल के गोदाम पर तालाबंदी की गई है। उन्होंने बताया कि अन्य जगहों पर भी अनुज्ञाधारी शराब ठेकेदारों की ओर से आंदोलन शुरू कर दिया गया है। सूरतगढ़ व अनूपगढ़ में धरने शुरू हो गए हैं। सीकर में 21 सितम्बर से शराब ठेकेदार धरने पर बैठेंगे। अगर जल्द ही सरकार नहीं चेती तो पूरा रेवेन्यू तोड़कर 1 अक्टूबर से जिले भर के शराब कारोबारी अपनी-अपनी दुकानें विभाग को सरेंडर कर देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांग नहीं मान रही। न ही उन्हें उनकी मांग पूरी होती दिख रही है। इसलिए अब अनुज्ञाधारी शराब कारोबारी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि परेशान शराब कारोबारी आत्महत्या करने व टंकी पर चढ?े का कदम उठा सकता है। इसलिए सरकार से आग्रह है कि वह चेते और सही निर्णय ले ताकि शराब कारोबारियों का व्यापार बच सके। इस मौके पर राकेश निवाद, सतवीर, हवासिंह, राधासिंह खोसा, दलीपसिंह, बलराम सहित कई अनुज्ञाधारी शराब कारोबारी मौजूद रहे।
    एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
    अनुज्ञाधारी शराब ठेकेदारों की ओर से जिला कलक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि राज्य सरकार की ओर से आबकारी नीति वर्ष 2021-22 में संशोधन करते हुए आरएमएल मदिरा के न्यूनतम 50 प्रतिशत हिस्से को 35 प्रतिशत किया गया है। शेष 15 प्रतिशत हिस्सा देसी मदिरा की लिफ्टिंग से पूर्ति किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें 15 प्रतिशत हिस्से के बदले यदि देसी मदिरा से भराव किया जाता है तो बेसिक लाइसेंस फीस व आबकारी शुल्क में अन्तर की राशि पृथक से जमा करवानी होगी। ज्ञापन में मांग की गई कि मासिक मदिरा गारंटी पूर्ति करने के लिए आरएमएल मदिरा 35 प्रतिशत एवं शेष 15 प्रतिशत देसी मदिरा की पूर्ति करने पर बेसिक लाइसेंस फीस अन्तर राशि में छूट प्रदान की जाए। गत वित्तीय वर्ष की भांति देसी मदिरा 40 यूपी 60 प्रतिशत एवं 50 यूपी 40 प्रतिशत के स्थान पर 50-20 का अनुपात किए जाने की स्वीकृति दी जाए। मदिरा अनुज्ञाधारियों को 40 यूपी एवं 50/60 यूपी देसी मदिरा उठाव का प्रतिशत/अनुपात क्रमश: 80 एवं 20 प्रतिशत किया जाए।

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