सरदार उधम
कलाकार विक्की कौशल , शॉन स्कॉट , स्टीफन होगन , अमोल पाराशर और
लेखक शुभेंदु भट्टाचार्य और रितेश शाह
निर्देशक शूजित सरकार
निर्माता रॉनी लाहिड़ी और शील कुमार
ओटीटी अमेजन प्राइम वीडियो
बड़े परदे के लिए बननी शुरू हुई फिल्मों के सीधे ओटीटी पर रिलीज होने की मजबूरी का एक कालचक्र फिल्म ‘सरदार उधम’ के प्राइम वीडियो पर रिलीज होने से पूरा हो रहा है। शूजीत निर्देशित फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’ से ही ये सिलसिला शुरू हुआ और उम्मीद की जानी चाहिए कि उनकी ही फिल्म ‘सरदार उधम’ से ये चक्र पूरा हो जाए। एक चक्र शूजीत उस सिनेयात्रा का भी पूरा कर रहे हैं जो उन्होंने बतौर निर्देशक ‘पीकू’ की शानदार कामयाबी के बाद फिल्म ‘अक्टूबर’ से शुरू किया। ‘गुलाबो सिताबो’ के बाद ‘सरदार उधम’ को इस फिल्मत्रयी की आखिरी फिल्म माना जा सकता है। इन तीनों फिल्मों की बुनावट बिल्कुल एक जैसी है। बुनाई के फंदे भी तकरीबन एक जैसे ही हैं। अपने मूल बिंदु पर आने से पहले शूजीत अब अपने प्रशंसकों और आम दर्शकों के धैर्य का खूब इम्तिहान लेते हैं। हां, अगर आपने 40-45 मिनट के भीतर फिल्म देखनी बंद नहीं कर दी तो फिर इस धैर्य का प्रसाद भी वह देते हैं। सवाल यही है कि ‘नो टाइम टू डाय’, ‘शांगची-द लेजेंड ऑफ द टेन रिंग्स’ और ‘वेनम: लेट देयर बी कारनेज’ के दौर में शूजीत का सिनेमा नई पीढ़ी के दर्शकों के लिए कितना सामयिक बचा है?