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सरकारी चिकित्सकों का दो घंटे कार्य बहिष्कार, निजी अस्पताल पूरा दिन रहे बंद

  • डॉ. अर्चना शर्मा सुसाइड प्रकरण में आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    दौसा जिले में महिला डॉक्टर अर्चना शर्मा की खुदकुशी के प्रकरण में आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर बुधवार को सेवारत चिकित्सकों ने जहां दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। वहीं निजी अस्पताल पूरा दिन बंद रहे। टाउन के राजकीय जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के बैनर तले सुबह 9 बजे से 11 बजे तक कार्य बहिष्कार कर ओपीडी मरीज नहीं देखे। चिकित्सकों के चैम्बरों में नहीं मिलने से अस्पताल में मरीज भटकते नजर आए। हालांकि अस्पताल में पहले से भर्ती मरीजों का इलाज पूर्व की भांति जारी रहा। आपातकालीन सेवा भी जारी रही। वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर 24 घंटे की हड़ताल के चलते निजी अस्पताल बुधवार को पूरा दिन बंद रहे। निजी अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं भी बंद रही। राज्य स्तर पर हुए निर्णय के बाद आईएमए से जुड़े निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने अपने-अपने हॉस्पिटल बंद रखकर विरोध दर्ज कराया। सभी डॉक्टरों ने कहा कि डॉ. अर्चना शर्मा पर समाजकंटकों की ओर से अनावश्यक दबाव बनाया गया। मानसिक रूप से परेशान होकर डॉ. अर्चना शर्मा ने आत्महत्या कर ली। ऐसी घटनाएं आए दिन होने से चिकित्सक वर्ग क्षुब्ध है। इस तरह की घटना से एक होनहार डॉक्टर की क्षति होती है। इस तरह के मामलों को देखते हुए डॉक्टरों को प्रोटेक्शन मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। चिकित्सकों ने डॉ. अर्चना शर्मा सुसाइड प्रकरण में दोषी लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार करने, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों को निलम्बित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने, डॉक्टर्स की सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाकर उन्हें सख्ती से लागू करने की मांग की। इन मांगों को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन व अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन भी प्रेषित कर चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो आईएमए के दिशा-निर्देशन में पूरे राज्य में चिकित्सक बेमियादी समय के लिए कार्य बहिष्कार शुरू कर आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपते समय आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. भवानी ऐरन, डॉ. पारस जैन, डॉ. एसएस गेट, डॉ. शंकर सोनी सहित कई निजी चिकित्सक मौजूद थे।