जयपुर
पटवारी एग्जाम में सरकारी स्कूल का LDC ( लोअर डिवीजन क्लर्क) डमी कैंडिडेट बनकर दोस्त की जगह एग्जाम देने पहुंच गया। उसकी असली कैंडिडेट से फोटो बिल्कुल मैच कर रही थी। आधार कार्ड से लेकर अन्य दस्तावेज भी तैयार कर लिए थे। भाषा को लेकर संदेह होने पर नजर रखी तो पकड़ में आ गया।
दरअसल, वास्तविक कैंडिडेट दौसा का था। यह इलाका जयपुर से लगता है। जालोर क्षेत्र मारवाड़-गोड़वाड़ का है। जब LDC ने बातचीत की तो साफ लग गया कि वह दौसा का नहीं है। बोली और टोन में काफी फर्क था। पुलिस को भी पहले उसके बारे में इनपुट मिल चुका था।