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सरकारी स्कूल का टीचर निकला हिस्ट्रीशीटर:SI भर्ती परीक्षा में बैठाए थे 3 डमी कैंडिडेट, 25 मामले दर्ज, बाड़मेर में परिचित के यहां मिले 500 आधार कार्ड

डूंगरपुर

REET से पहले फर्जीवाड़े में नई परत खुलती जा रही है। परीक्षा में डमी अभ्यर्थियों को बैठाने की पूरी तैयारी थी। इससे पहले ही पुलिस ने मास्टरमाइंड आरोपी टीचर को पकड़ लिया। सरकारी स्कूल का आरोपी टीचर बाड़मेर जिले का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ वाहन चोरी, मारपीट सहित करीब 25 मामले दर्ज है। आरोपी टीचर ने दो शादियां कर रखी हैं। एक पत्नी ग्राम विकास अधिकारी है और दूसरी पत्नी नर्स है।

आरोपी शिक्षक भंवरलाल जाट को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। डूंगरपुर से गिरफ्तार करने के बाद जब पूछताछ की तो सामने आया कि 10 दिन पहले SI परीक्षा में भी 3-3 लाख रुपए लेकर 3 फर्जी अभ्यर्थी बैठाए थे। पकड़े गए टीचर के साथ बाड़मेर के धोरीमन्ना का एक टीचर भंवरलाल विश्नोई और कोटा का कोचिंग सेंटर संचालक राजेंद्र उर्फ लादूराम भी शामिल है। आरोपी की निशानदेही पर 4 परीक्षार्थियों को भी गिरफ्तार किया गया है। जिनकी जगह डमी अभ्यर्थी बैठने वाले थे।

आरोपी टीचर बाड़मेर का हिस्ट्रीशीटर
आरोपी शिक्षक भंवरलाल जाट बाड़मेर जिले का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ 25 मामले दर्ज हैं। 6 नवंबर 1998 को सबसे पहला केस बाड़मेर जिले के गिड़ा पुलिस थाने में मारपीट का दर्ज हुआ था। इसके बाद 1998 से लेकर 2004 तक कुल 20 केस दर्ज हुए हैं। 2011 से लेकर 2020 तक 5 केस दर्ज हुए। 25 में से 10 मामलों में आरोपी दोष मुक्त हो चुका है। 3 मामलों में राजीनामा हो गया है। 5 मामले कोर्ट में विचाराधीन है, जबकि 3 में कोर्ट में चालान पेंडिंग है। 3 मामलों में आरोपी शिक्षक को सजा भी हो चुकी है।

फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला ई-मित्र संचालक
बाड़मेर से गिरफ्तार आरोपी शिक्षक भंवरलाल जाट परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाने के लिए आधार कार्ड में कांट-छांट करवाता था। परीक्षा देने वाले स्टूडेंट के आधार कार्ड में फर्जी अभ्यर्थी का फोटो लगवा देता था। आरोपी यह काम बाड़मेर में अपने परिचित ई-मित्र संचालक हरीश जाट से करवाता था। बाड़मेर पुलिस ने आरोपी ई-मित्र संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से करीब 500 आधार कार्ड मिलने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस इनमे से कितने आधार कार्ड सही है और कितने फर्जी उनकी पड़ताल कर रही है।

SI परीक्षा में 3 डमी अभ्यर्थी बैठाए
एसपी ने बताया कि 10 दिन पहले SI भर्ती परीक्षा में भी फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आरोपी भंवरलाल जाट ने परीक्षा में 3 डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलाने की बात कबूल की है। डूंगरपुर जेल के प्रहरी मुकेश अहारी के अलावा पृथ्वीराज डामोर और एक अन्य अभ्यर्थी से 3-3 लाख रुपए लिए थे। उनकी जगह फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठाया था। जेल प्रहरी और अन्य के नाम सामने आते ही पुलिस ने चिखली क्षेत्र में उनके घर और ठिकानों पर दबिश दी। इससे पहले ही आरोपी फरार हो गए।

पहले पेपर जुटाने का प्रयास, फिर ब्लूटूथ या फर्जी परीक्षार्थी बैठाते
एसपी ने बताया कि आरोपी शिक्षक भंवरलाल जाट के साथ ही उनके साथी भंवरलाल विश्नोई और राजेन्द्र उर्फ लादूराम तीनों मिलकर फर्जीवाड़ा करते थे। इनमें आरोपी राजेन्द्र उर्द लादूराम पहले सांठ-गांठ कर परीक्षा केंद्र से पेपर निकालने की कोशिश करता। उसमें सफल नहीं होने पर ब्लूटूथ या फिर फर्जी परीक्षार्थी बैठाकर परीक्षा दिलाने का प्रयास करते थे। फिलहाल पुलिस सहयोगी भंवरलाल विश्नोई और राजेन्द्र उर्फ लादूराम की तलाश कर रही है।

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