नई दिल्ली
केन्द्र की मोदी सरकार मुद्रीकरण पॉलिसी (Monetisation policy) के तहत दो नेशनल हाईवे के टोल (Highway toll) को प्राइवेट कंपनियों के हाथों सौंप सकती है। सरकार इसके लिए बोलियां भी मंगवाई हैं। बता दें कि इन दो टोल के प्राइवेट कंपनियों के हाथों में बिकने से सरकार के खजाने में करीब 4000 करोड़ रुपये जमा होंगे।
इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक, सरकार जल्द ही दो और टोल को प्राइवेट कंपनियों के हाथों में दे सकती है और इससे सरकार को करीब 4000 करोड़ मोनेटाइज करने में मदद मिलेगी।