नई दिल्ली
चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर यथास्थिति को बदलने के लिए “सलामी-स्लाइसिंग” तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। इसमें वह आक्रामक एक्शन्स के जरिए दूसरे दावेदारों का टेस्ट लेता है, फिर प्रतिरोध का सामना करने पर पीछे हट जाता है। चीन ने “सलामी स्लाइसिंग” तकनीक के तहत नेपाल और भूटान के सीमावर्ती इलाकों में कस्बों का विस्तार भी किया है।
क्या है सलामी स्लाइसिंग?
सलामी स्लाइसिंग का मतलब पड़ोसी देश के खिलाफ छोटे-छोटे सैन्य ऑपरेशन चलाकर किसी बड़े इलाके पर कब्जा कर लेना है। इस तरह के ऑपरेशन इतने छोटे स्तर पर किए जाते हैं कि इनसे युद्ध की आशंका नहीं रहती है, लेकिन पड़ोसी देश को यह समझ नहीं आता कि इसका जवाब कैसे दिया जाए। और अगर जबाव दें भी तो किस स्तर तक एक्शन लें।
‘भूमि सीमा कानून (LBL)’ के आने से हालत तेजी से बदले
दरअसल, भारत जैसे अपने पड़ोसियों के साथ बढ़ते तनाव के बीच चीन ने अक्टूबर, 2021 में ‘भूमि सीमा कानून (LBL)’ को अपनाया, जो 1 जनवरी, 2022 को लागू हुआ। नीति अनुसंधान समूह (POREG) ने बताया कि यह कानून काफी मुखर और उत्तेजक लगता है। इसके माध्यम से चीन ने दावा किया है कि वह अपनी संप्रभुता और सीमा की दृढ़ता से रक्षा करेगा।