चित्तौड़गढ़
प्रख्यात कृष्ण धाम सांवलिया जी मंदिर में रविवार को कृष्ण चतुर्दशी पर खोले गए भंडार से 4 करोड़ 53 लाख से भी ज्यादा की राशि मिली है। शेष राशि और सिक्कों की गिनती बाकी है, जो सोमवार को अमावस्या के दिन की जाएगी। इस दिन श्रद्धालुओं की भीड़ बहुत रहती है, इसलिए चतुर्दशी के दिन दर्शनार्थियों के लिए मंदिर के पट बंद रहे। हर साल इस दिन मेला लगता है, लेकिन कोरोना के चलते मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा गया था। लोगों के लिए मंदिर मंगलवार से खोला जाएगा।
लोगों में श्री सांवरा सेठ के प्रति बहुत आस्था है। दूर-दूर से लोग मन्नत के लिए आते हैं। मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु भेंट चढ़ाते हैं। इस बार विदेशी मुद्रा के भी 100 डॉलर के 125 नोट मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में पहली बार नोट मिले। साथ ही, एक किलो सोने का बिस्किट भी मिला। श्री सांवलियाजी मंदिर मंडल अध्यक्ष कन्हैयादास वैष्णव ने बताया कि पहले भी डॉलर मिले, लेकिन 3-4 नोट ही मिले थे। लेकिन इस बार 125 नोट मिले। वैष्णव ने बताया कि एक किलो सोने का बिस्किट भी पहली बार मिला है।

भंडारा खोलने के बाद मंदिर मंडल के अध्यक्ष कन्हैया दास की उपस्थिति में गिनती शुरू हुई।
राजभोग आरती के बाद शनिवार सुबह 11:30 बजे भंडारा खोला गया। शाम तक दान पात्र के रुपए की गिनती की गई। भंडारे से चार करोड़ 53 लाख 48 हजार रुपए मिले। राजभोज आरती के बाद श्रीसांवलियाजी मंदिर मंडल अध्यक्ष कन्हैयादास वैष्णव, ADM और मंदिर मंडल CEO रतन कुमार स्वामी की उपस्थिति में गिनती शुरू हुई। सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता रही। मंदिर मंडल कार्यालय और भेंट कक्षा से नकद और मनी ऑर्डर के रूप में 72 लाख 71 हजार 149 रुपए की राशि प्राप्त हुई।

पहली बार मिला 1 किलो सोने का बिस्किट।
सोने चांदी भी मिले
सांवरा सेठ के भंडारे से एक किलो 19 ग्राम सोना और 3300 ग्राम चांदी मिली। कार्यालय में 389.900 ग्राम सोना और 5521.800 ग्राम चांदी प्राप्त हुई है। अभी भी नोटों और सिक्कों की गिनती बाकी है, जो सोमवार को की जाएगी।

पहली बार एक साथ मिले $100 के 125 नोट।