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सूखे चारा का अवैध रूप से भण्डारण करने वालों के खिलाफ हो कानूनी कार्रवाई

  • पशु-पक्षी प्रेमी अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को प्रेषित किया मांगपत्र
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    पशुओं के सूखे चारा का अवैध रूप से भण्डारण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग को लेकर पशु-पक्षी प्रेमी अधिवक्ताओं ने सोमवार को मुख्यमंत्री को मांगपत्र प्रेषित किया। ज्ञापन में बताया गया कि पशुओं के सूखे चारे तूड़ी का कुछ लोगों की ओर से अवैध रूप से भण्डारण किया जा रहा है। इस कारण सूखे चारे की कीमत आसमान को छू रही है। निम्न आय वर्ग का व्यक्ति व गोशाला इतनी बढ़ी हुई कीमत पर चारा खरीदने में सक्षम नहीं है। सूखे चारे की कमी के चलते अकाल की स्थिति पैदा हो गई है। निराश्रित पशु व गोशाला के पशु व आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पालतू पशुओं के भूखे मरने की नौबत आ गई है। सीमावर्ती राज्यों हरियाणा व पंजाब में अवैध रूप से सूखे चारे का स्टॉक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ताकि सूखा चारा की कीमत पर नियंत्रण किया जा सके। हरियाणा एवं पंजाब की तर्ज पर राजस्थान में भी अवैध रूप से सूखे चारे का भण्डारण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा नाली बेल्ट में जहां ट्यूबवैलों के पानी की व्यवस्था है वहां हल्का पटवारी व तहसीलदार को भेजकर ज्यादा से ज्यादा हरा चारा, बाजरी इत्यादि की बुवाई करवाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि इन्दिरा गांधी नहर की बंदी के कारण पशुओं और पक्षियों के लिए जल संकट पैदा हो गया है। इसके चलते पशु व पक्षियों का जीवन संकट में आ गया है। पशु-पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करवाई जाए। मांगपत्र अधिवक्ता अनिल शर्मा, विक्रम बिश्नोई, मनदीप, नवप्रीत सिंह बराड़, रमेश स्वामी, सोहनलाल सहारण, ओमप्रकाश बिश्नोई, सुखपाल सिंह, रतनचंद जिन्दल, प्रदीप मोहन भाटी, संजय शर्मा, कमलजीत सिंह चहल, मुखराम गोदारा आदि के हस्ताक्षरयुक्त है।