सेंचुरियन
भारत ने ओपनर केएल राहुल की धमाकेदार पारी की बदौलत सेंचुरियन टेस्ट में बेहतरीन शुरुआत की। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका में खेले गए किसी टेस्ट मैच के पहले दिन भारत का ये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं है। उसने 2001 में ब्लोमफोंटेन में पहले दिन सात विकेट पर 372 रन बनाए थे। सेंचुरियन टेस्ट के पहले दिन टीम इंडिया ने तीन विकेट पर 272 रन बनाए हैं। दिन के नाबाद बल्लेबाज राहुल के साथ अजिंक्य रहाणे पर टीम के स्कोर में ज्यादा से ज्यादा रन जोड़ने की जिम्मेदारी होगी।
पहले दिन भारत की बल्लेबाजी को देखकर यह साफ पता चला कि दोनों ओपनर्स की नजर शुरुआती ओवरों में पिच पर टिकने की थी। जिस बल्लेबाज के शॉट बेहतर लग रहे थे वह आक्रमण करने की जिम्मेदारी उठा रहा था। इसमें मयंक अग्रवाल आगे रहे। उन्होंने उन्होंने शुरुआत में कुछ अच्छे शॉट लगाए और स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया। इससे राहुल को टिकने का मौका मिल गया।