अंतिम घंटे में हुई जोरदार खरीदारी से आज शेयर बाजार ऊपरी स्तरों पर बंद हुआ। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 193 पॉइंट (0.37%) ऊपर 53,054 पॉइंट पर रहा। एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 61 पॉइंट (0.39%) की मजबूती के साथ 15,879 पॉइंट पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 53,105 जबकि निफ्टी 15,893 तक गया था।
सेंसेक्स और निफ्टी को टाटा स्टील, JSW स्टील, बजाज फिनसर्व, हिंडाल्को, UPL, इंडसइंड बैंक, नेस्ले इंडिया, HDFC में जबर्दस्त खरीदारी का सपोर्ट मिला। टाइटन, ONGC, मारुति, SBI लाइफ, श्री सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा और M&M में बिकवाली से बेंचमार्क स्टॉक इंडेक्स पर दबाव बना।
दिग्गज शेयरों में उथल-पुथल के बीच निवेशकों ने छोटे और मझोले शेयरों पर विशेष ध्यान दिया। निफ्टी मिड में 0.71% और स्मॉल कैप इंडेक्स में 0.61% की मजबूती रही। निफ्टी मेटल और रियल्टी इंडेक्स में लगभग दो पर्सेंट का उछाल आया। टाटा स्टील में 5% का उछाल आया। ऑटो, मीडिया और एनर्जी इंडेक्स में गिरावट रही।
इनवेस्ट19 के फाउंडर और सीईओ कौशलेंद्र सिंह सेंगर के मुताबिक, आज शेयर बाजार में ‘न्यूट्रल डे’ रहा। अब बाजार में गिरावट या तेजी, जो भी आएगी, वो तेज होगी। बाजार में सीमित दायरे में कारोबार हुआ लेकिन कुछ शेयरों में अच्छी-खासी गतिविधि देखने को मिली। हाई वैल्यूएशन के चलते लार्ज कैप पर बने दबाव के बीच मिड कैप और स्मॉल कैप में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।
निफ्टी के मेटल इंडेक्स में लंबे समय तक कंसॉलिडेशन होने के बाद आज 2% से ज्यादा का उछाल आया। ऑटो सेक्टर ने बाजार को अंडरपरफॉर्म किया। सेमीकंडक्टर की कमी ने लग्जरी ऑटो और एंसिलियरी कंपनियों को हिला दिया। निफ्टी ऑटो दोपहर से पहले 0.68% गिर गया था।
विदेशी बाजारों में कमजोर रुझानों के बावजूद घरेलू बाजार आज मजबूती के साथ खुले। भारी बिकवाली के चलते हुई गिरावट में निफ्टी को 15,780 पॉइंट पर सपोर्ट मिला। मोतीलाल ओसवाल के (हेड-टेक्निकल & डेरिवेटिव्स रीसर्च) चंदन तापड़िया के मुताबिक, तेजड़ियों के कमान संभालने पर निफ्टी 15,893 पॉइंट तक पहुंच गया। निफ्टी ने आज ऑल टाइम हाई क्लोजिंग दी है।
तापड़िया के मुताबिक, बाजार का ट्रेडिंग पैटर्न बताता है कि आज निचले स्तरों पर जमकर खरीदारी हुई। अगर निफ्टी 15,800 से ऊपर बना रहा तो 16,000 की तरफ बढ़ता नजर आएगा। यह लेवल पार होने पर बेंचमार्क इंडेक्स 16,200 को छूने की कोशिश करेगा।
अगर निफ्टी में कमजोरी आती है तो यह पहले 15,700 पर सपोर्ट पाएगा। गिरावट तेज होने पर इसमें 15,600 के आसपास खरीदारी निकलेगी। वायदा बाजार के सौदों से मिल रहे संकेतों के मुताबिक निफ्टी इस हफ्ते 15700 से 16000 के दायरे में रह सकता है।
अगर इंडिविजुअल शेयरों की बात करें तो बाजार को नालको, भारत फोर्ज, RBL बैंक, टाटा स्टील, बर्जर पेंट, JSW स्टील, कोलगेट पामोलिव, बजाज फिनसर्व, इंडिगो, मुथूट फाइनेंस, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस, पिडिलाइट, टाटा केमिकल, अंबुजा सीमेंट, इंडसइंड बैंक, मैरिको, BEL, SBI और HDFC में मजबूती रही। टाइटन, अरबिंदो फार्मा, सन टीवी नेटवर्क, सीमेंस, मारुति और वोल्टास में कमजोरी रही।https://www.bhaskar.com/__widgets__/iframe/2021/01/market-watch
वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 0.20% की गिरावट आई। इस इंडेक्स में कमजोरी का रुझान बताता है कि अगले 30 दिनों में निफ्टी सालाना आधार पर कितना चढ़ सकता है। इंडिया VIX में निचले स्तरों से बढ़ोतरी होना, बाजार में मजबूती कायम रहने के साथ हलचल बढ़ने का संकेत होता है।
मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद हुए थे। सेंसेक्स रिकॉर्ड हाई से 268 पॉइंट नीचे 19 पॉइंट (0.04%) की गिरावट के साथ 52,861 अंक पर रहा था। निफ्टी 16.10 पॉइंट (0.1%) फिसलकर 15,818 पॉइंट पर बंद हुआ था। निफ्टी मिड कैप में 0.05% की मामूली गिरावट आई थी, लेकिन निफ्टी स्मॉल कैप 0.60% कमजोरी के साथ बंद हुआ था।
एशिया के शेयर बाजारों में बुधवार को मिला-जुला रुझान रहा। जापान के निक्केई में 0.99% की गिरावट आई। चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.66% का उछाल आया। हांगकांग के हैंगसेंग में 0.68% की कमजोरी रही। कोरिया का कोस्पी 0.60% कमजोरी के साथ बंद हुआ। ऑस्ट्रेलिया के ऑल ऑर्डनरी में 0.90% का उछाल आया।
बुधवार को यूरोपीय बाजारों ने मजबूत शुरुआत दी है। ब्रिटेन के FTSE में लगभग 0.70% की मजबूती है। फ्रांस का CAC लगभग 0.40% ऊपर चल रहा है। जर्मनी के DAX में लगभग 0.90% का उछाल है। मंगलवार को अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला रुझान रहा था। डाओ जोंस 0.60% गिरकर बंद हुआ था जबकि नैस्डैक में 0.17% की बढ़ोतरी हुई थी। S&P 500 में 0.20% की गिरावट आई थी।
FII और DII डेटा
NSE पर मौजूद प्रोविजनल डेटा के मुताबिक, शुक्रवार 6 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुद्ध रूप से 543 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे। यानी उन्होंने जितने रुपए के शेयर खरीदे थे, उससे इतने ज्यादा रुपए के शेयर बेच दिए थे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने शुद्ध रूप से 521 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे।