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होटल का आकस्मिक निरीक्षण कर भरा नमूना

  • चिकित्सा विभाग की टीम ने जांची व्यवस्था
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    जिले के नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिकित्सा विभाग ने जिले में होटल व रेस्टोरेंट की ओर से दी जा रही खाद्य सामग्री एवं सेवाओं की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत गुरुवार को जंक्शन में टाउन रोड स्थित होटल ग्रांड इन पर चिकित्सा विभाग की टीम ने व्यवस्थाओं की जांच की। टीम ने होटल की सफाई व्यवस्था, भोजन तैयार करने का स्थान, इस्तेमाल में लाई जा रही सब्जियां, खाद्य सामग्री, तेल एवं व्यवस्थाओं की जांच की। कार्यवाही में सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा के साथ एफएसओ जीतसिंह यादव, संत कुमार बिश्नोई शामिल थे। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि चिकित्सा विभाग की ओर से मिलावटी खाद्य पदार्थों पर अंकुश लगाने के लिए अब होटल एवं रेस्टोरेंट पर निरीक्षण किया जाएगा। इसी के तहत गुरुवार को जंक्शन स्थित होटल ग्रांड इन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जांच दल ने होटल की रसोई की जांच की। इस दौरान, आमजन का भोजन तैयार करने के लिए इस्तेमाल में लाई जा रही खाद्य सामग्री, आटा, मसाले, ग्रेवी, दही व रिफाइण्ड सोयाबीन आॅयल आदि की जांच की। जांच दल ने खाद्य सामग्री, खुला आटा, दही व रिफाइण्ड सोयाबीन आॅयल नेचर फ्रेश ब्राण्ड का नमूना संग्रहित कर लिया। रसोई में प्रयुक्त किए जा रहे कनस्तर में रखे तेल, सोसाबीन आॅयल नेचर फ्रेश ब्राण्ड के बाकी बचे तेल (करीब 10 लीटर) को सील कर प्रबंधक को काम में न लेने की हिदायत के साथ उसे सुपुर्द कर दिया। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई सुधारने के निर्देश दिए। होटल प्रबंधक के पास होटल में कार्यरत स्टॉफ के चिकित्सा प्रमाण पत्र नहीं मिलने पर जांच दल ने होटल के सभी कार्यरत स्टॉफ का चिकित्सा प्रमाण पत्र (प्रत्येक छह माह बाद) बनवाने के निर्देश दिए। होटल प्रबंधन को इस रिपोर्ट को अपने पास सम्भालकर रखने के निर्देश दिए। होटल प्रबंधन को निर्देश दिए कि प्रत्येक माह होटल में पेस्ट कंट्रोल निर्धारित रजिस्टर्ड फर्म से करवाया जाए तथा उसकी रिपोर्ट सम्भालकर रखी जाए और विभाग की ओर से मंगवाए जाने पर उपलब्ध करवाएं। होटल प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रत्येक छह माह में एक बार उपभोक्ताओं के लिए काम में लाए जा रहे पोर्टेबल वाटर (पीने के पानी) की जांच निर्धारित लैब के जरिए करवाई जाए तथा इसकी रिपोर्ट सम्भाल कर रखें। सीएमएचओ ने बताया कि मौके पर संग्रहित किए गए नमूनों को बीकानेर की खाद्य प्रयोगशाला में भिजवाया जाएगा। इस दौरान अगर इनमें कमी पाई जाती है, तो एफएसएसएसए एक्ट 2006 के तहत होटल प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में अन्य स्थानों पर भी होटल एवं रेस्टोरेंट वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि जिले में अगर कहीं पर भी मिलावटी खाद्य सामग्री का बेचान किया जाता है, तो उसकी सूचना चिकित्सा विभाग को आवश्यक रूप से दें।

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