नागौर
नागौर जिले के श्रीबालाजी में हुए सड़क हादसे में मंगलवार सुबह 12 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा जितना भयानक था उससे कहीं ज्यादा भयावह हादसे के दौरान वहां के हालात थे। आस-पास मौजूद लोगों ने जब एक्सीडेंट के बारे में सुना तो उन्हें लगा कि छोटा सा हादसा है, लेकिन जब एक के बाद एक निकलती लाशों को सड़क पर रखना शुरू किया तो सभी के हाथ पैर फूल गए।
सभी लोग रामदेवरा से देशनोक होते हुए पुष्कर जा रहे थे। दैनिक भास्कर की टीम हादसे के कारणों को जानने निकली तो उस जगह पहुंची जहां यह सभी हादसे से पहले रात में रुके थे। यहां एक प्रत्यक्षदर्शी मिला। उसने जो मंजर बताया वो रोंगटे खड़े करने वाला था।

इसी ढाबे पर रात गुजारने के बाद सुबह हुए थे रवाना।
हादसे वाली जगह के पास श्रीबालाजी थाने के पास ही एक चाय की टपरी है। इसके पीछे एक छोटी झोपड़ी बनी हुई है। जीप में सवार यह लोग रात में यहीं रुके थे। सुबह जब निकलने से पहले सभी ने ढाबे पर चाय पी। मिलकर भगवान के जयकारे लगाए। महिलाओं ने भक्ति गीत गाए। चाय की टपरी चलाने वाले युवक ने बताया कि हादसा महज 800 मीटर की दूरी पर हुआ। जब यह सभी लोग यहां से निकल रहे थे तब जीप का ड्राइवर फोन पर बात कर रहा था। कुछ ही दूरी पर वह सामने से आ रहे ट्रेलर से जा भिड़े। हादसा इतना बड़ा होगा हमने सोचा नहीं था। जब मौके पर पहुंचे तो लाशों का मंजर देखकर हम सहम गए।

हादसे के बाद सड़क पर लाशें बिछ गईं।
सीट के नीचे बच्चे फंसे थे, सड़क पर लाशें बिछनी शुरू हुईं तो होश उड़ गए: प्रत्यक्षदर्शी
हादसे के समय वहां मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी मोहनराम विश्नोई ने बताया कि वह खुद उसी चाय की टपरी पर खड़ा था, जहां से यह लोग रवाना हुए। मोहनराम ने बताया कि सभी हंसी-खुशी चाय-नाश्ता कर निकले थे, लेकिन थोड़ी दूर जाने के बाद पलक झपकते ही चीख-पुकार मच गई। आस-पास जो भी खड़ा था वो दौड़कर मौके पर पहुंचा। श्रीबालाजी पुलिस थाना पास में ही था तो पुलिस अधिकारी भी जल्द ही पहुंच गए। एसएचओ लालचंद मीणा व उनकी टीम ने मौके पर खड़े लोगों की सहायता से जब अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलना शुरू किया तो एक के बाद एक लाशें निकलती गईं।

हादसा इतना भीषण था कि जीप के परखच्चे उड़ गए।
अंदर एक के ऊपर एक लाशें पड़ी थीं। बच्चे सीट के नीचे फंस गए थे। अंदाजा भी नहीं था कि 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो जाएगी। उस समय तक एंबुलेंस वहां नहीं पहुंची थी। ऐसे में लाशों को निकालकर सड़क पर रखा गया। भयावह मंजर को देख एक बार तो हमारी सांसें फूल गईं। हमें भी पता नहीं था, जिन्हें जीप से निकाल रहे थे उनकी मौत हो चुकी थी। समझ नहीं आ रहा था कि इन्हें कौन से अस्पताल भेजें। फिर घायलों को बीकानेर जिले के नोखा स्थित हॉस्पिटल भिजवाना शुरू किया। थोड़ी देर बाद नागौर CO विनोद कुमार सीपा और अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और रेस्क्यू अभियान को तेजी दी गई। अभी भी चार लोग गंभीर घायल बताए जा रहे हैं।

नागौर कलेक्टर, एसपी और अजमेर रेंज आईजी भी मौके पर पहुंचे।
ट्रॉमा सेंटर में भर्ती घायल गोपाल ने बताई आपबीती
हादसे में जिंदा बचे शख्स गोपाल बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भर्ती हैं, जिन्होंने इस पूरे मंजर को विस्तार से बताया। गोपाल बताते हैं कि हम रात को सफर करके आए थे। सुबह हम वहां से निकले तो कुछ ही देर में सामने से ट्रक आ गया। मैं पीछे बैठा था, सोचा हमारा गाड़ी चला रहा संतोष आराम से निकाल लेगा। अचानक जोर से टक्कर लगी। संतोष के किनारे वाला हिस्सा ट्रक के बीच में जा धंसा। मैं सबसे पीछे बैठा था। उछलकर बाहर आ गिरा। मेरे पास ही संतोष का बेटा सुमित भी था। हम दोनों बाहर गिर गए। उठा तो देखा कई लोग अंदर फंसे हुए थे। मैं लोगों को निकालने में लगा, लेकिन कोई बाहर निकला ही नहीं। कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या करूं। इसके बाद कुछ लोग आए। मेरे सिर से भी खून बह रहा था। एक-एक कर लाशें बाहर निकलती रहीं।
बाकी चार घायलों के बारे में गोपाल ने बताया कि ड्राइवर संतोष के सिर और आंख के पास चोट आई है। उसके मुंह पर कई जगह कांच चुभ गए हैं। ड्राइवर संतोष का बेटा सुमित महज 5 साल का है। उधर, 5 साल की बच्ची सुमन की हालत गंभीर है। वह ट्रॉमा सेंटर में बेहोश पड़ा है। उसके पास एक महिला भी ऐसी ही हालत में है।

हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 4 घायलों ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
हादसे में 12 लोगों की हुई थी मौत
गौरतलब है कि नोखा बाइपास पर एक तूफान जीप और ट्रेलर के बीच भीषण टक्कर हुई। हादसे में मध्यप्रदेश के 12 लोगों की मौत हो गई है, 6 की हालत गंभीर है। मृतकों में 6 महिलाएं और 2 पुरुष थे, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि 2 महिलाओं और 1 पुरुष ने बीकानेर रैफर करने के दौरान बीच रास्ते में दम तोड़ दिया। एक गंभीर घायल की पीबीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सभी मृतक MP के उज्जैन जिले के घटिया पुलिस स्टेशन के गांव सज्जन खेड़ा व दौलतपुर के रहने वाले थे। हादसे के बाद से ट्रेलर चालक फरार बताया जा रहा है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।