मुंबई

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के निष्कर्षों की घोषणा की। इसमें रिजर्व बैंक ने मुख नीतिगत दर रेपो को चार फीसद पर बनाये रखने तथा मौद्रिक रुख को उदार बनाये रखने का फैसला किया। बैठक के निष्कर्षों की घोषणा की मुख्य बातें इस प्रकार हैं…
- नीतिगत ब्याज दरें लगातार चौथी बार भी अपरिवर्तित रहीं।
- रिजर्व बैंक के फौरी उधार की ब्याज दर (रेपो) चार फीसद पर बरकार।
- रिजर्व बैंक उदार नीतिगत रुख बनाये रखेगा।
- आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहना, भारतीय अर्थव्यवस्था की गति अब सिर्फ ऊपर की ओर।
- रिजर्व बैंक ने 2021-22 में जीडीपी वृद्धि दर 10.5 फीसद रहने का अनुमान व्यक्त किया।
- रिजर्व बैंक ने खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को संशोधित किया। खुदरा मुद्रास्फीति के कम होकर 2020-21 की दिसंबर तिमाही में 5.2 फीसद पर, 2021-22 की पहली छमाही में पांच फीसद पर और इस साल नवंबर-दिसंबर तक 4.3 फीसद पर आ जाने का अनुमान।
- गवर्नर दास ने कहा कि केंद्रीय बजट ने स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों के पुनरुद्धार के लयेए मजबूत प्रोत्साहन प्रदान किया है।
- मार्च 2021 से शुरू होने वाले दो चरणों में आरबीआई नकदी आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को वापस चार फीसद पर लायेगा।
- कर्ज में वृद्धि के लिये रिजर्व बैंक ने टारगेटेड एलटीआरओ की योजना के तहत बैंकों से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को उधार उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया।
- रिजर्व बैंक ने एमएसएमई को नए कर्ज पर प्रोत्साहन की नयी योजना की घोषणा की।
- शहरी सहकारी बैंकों को मजबूती प्रदान करने की मध्यम अवधि की रूपरेखा तय करने के लिये एक समिति गठित करेगा रिजर्व बैंक।
- खुदरा निवेशकों को सरकारी प्रतिभूति बाजार की साीधी पहुंच मिलेगी। भारत ऐसा करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल होगा।
- उपभोक्ताओं के शिकायतों के निवारण के लिये डिजिटल भुगतान प्रणाली की मदद करने को 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन शुरू की जायेगी।
- रिजर्व बैंक ओम्बड्समैन की सभी योजनाओं को एकीकृत करेगा और शिकायतों के निवारण की प्रणालियों को केंद्रीयकृत बनायेगा।
- रिजर्व बैंक के गवर्नर की अगुवाई में मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक पांच से सात सितंबर के दौरान होगी।