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2 पैंथरों को ग्रामीणों ने घेर कर मार डाला, लोहे के नुकीले ट्रैप में भी फंस रहे; 7 साल में 18 ने दम तोड़ा

अजमेर

जंगल का शिकारी माना जाने वाला पैंथर खुद जंगल व आस पास के क्षेत्र में अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। बीते 7 सालों में अलग अलग कारणों से ब्यावर क्षेत्र में 18 पैंथरों की मौत हुई। इनमें से दो जगह तो ग्रामीणों ने पैंथर को घेर कर हमला किया और मौत के घाट उतारा दिया। इसमें से एक मामला 6 साल पुराना है तो दूसरा मामला 2 साल पुराना।

खास बात यह है कि इनमें वन विभाग ने मामले भी दर्ज किए, लेकिन इन मामलों में दोषी के खिलाफ कार्रवाई तो दूर जांच तक पूरी नहीं हो पाई। हालांकि हाल में हुई पैंथर की मौत के मामले में वन विभाग ने मौके के वायरल वीडियो व ग्रामीण की ओर से दी गई शिकायत के बाद दो ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन, अन्य सभी मामलों में जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है।

इसलिए बढ़ रहा है संकट
मगरा क्षेत्र पैंथर के लिए अब असुरक्षित जोन बनता जा रहा है। टॉडगढ़-रावली से जुड़ी ब्यावर रेंज दस हजार हैक्टेर में फैली हुई है। इस क्षेत्र में खनन सहित अन्य हस्तक्षेप के बाद पैंथर प्रजाति पर संकट मंडरा रहा है। कुंभलगढ़ अभ्यारण्य से टॉडगढ़-रावली अभ्यारण्य जुड़ा हुआ है। करीब दौ सौ किमी की इस क्षेत्र में कई वन्य जीव विचरण करते है। रावली अभ्यारण्य से निकलकर यह पैंथर ब्यावर रेंज में प्रवेश करते ही इनका संकट शुरू हो जाता है। यहां आते-आते जंगल की चौड़ाई महज चालीस से पचास किलोमीटर तक रह जाती है। इसके बीच में कई स्थान पर अवैध खनन हो रहा है। इसके चलते पैंथर सहित अन्य वन्य जीव भटककर आबादी क्षेत्र में आ जाते है।

पत्थरों के नीचे दबने से हुई मौत

पत्थरों के नीचे दबने से हुई मौत

वायरल वीडियो से दो गिरफ्तार
अजमेर जिले के श्यामगढ़ पंचायत के गांव वेबरा बावड़ी के जंगल में गुफा को पत्थरों से बंद करने के बाद हुई पैंथर की मौत के मामले में वायरल वीडियो व ग्रामीण की ओर से दर्ज किए गए नामजद मुकदमे के कारण दो आरोपी पकडे़। अन्य की तलाश की जा रही है।

वन विभाग ने बुधवार रात शव बरामद किया और पोस्टमार्टम कराने पर पता चला कि शव करीब तीन से चार दिन पुराना है और दस दिन पहले गुफा में बंद किए जाने के बाद भूखी मादा पैंथर ने शिकार के लिए जब बाहर निकलने का प्रयास किया तो पत्थरों में दबने से उसकी मौत हुई। एक ग्रामीण की ओर से शिकायत दी गई और मामला दर्ज हुआ।

रावला बाड़ियां में मारा गया पैंथर-फाइल फोटो

रावला बाड़ियां में मारा गया पैंथर-फाइल फोटो

इन दो जगहों पर ग्रामीणों ने घेर कर पैंथर को मारा

  • 4 जुलाई 2015 : सरंगाव – ग्राम सरगांव में एक पैंथर शावक भोजन-पानी की तलाश में खेत में घुस गया। इस दौरान ग्रामीणों ने पैंथर शावक का पीछा किया, जिसके चलते पैंथर भटक के ग्राम खातियों की ढाणी में घुस गया। इस दौरान पैंथर शावक ने एक ग्रामीण पर हमला कर उसे घायल कर दिया। वहीं, मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और लाठियों से पैंथर के शावक पर हमला कर दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक घायल पैंथर शावक की मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद पता चला कि पैंथर शावक 48 घंटो से भूखा था। जंगल में भोजन की तलाश करता हुआ पैंथर शावक रिहायशी इलाके में घुस गया था। वन विभाग ने मामला दर्ज किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
  • 12 फरवरी 2019 : रावला बाड़िया – मसूदा वन क्षेत्र से सटे ग्राम रावला बाड़िया के खेतों के अंदर पैंथर घुस गया। इस दौरान पैंथर ने खेतों की रखवाली कर रहे लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद पैंथर के खेत में मौजूद होने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। इस दौरान पैंथर ने घबरा कर भागने का प्रयास भी किया। परंतु ग्रामीणों ने पैंथर को घेर कर उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। जिसके चलते पैंथर की मौके पर ही मौत हो गई। ग्राम रावला बाड़िया में ग्रामीणों ने पैंथर की हत्या करने के बाद उसके शव को पूरे गांव में घुमाया। वन विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।
लोहे के फंदे में फंसा पैर-फाइल फोटो

लोहे के फंदे में फंसा पैर-फाइल फोटो

लाेहे के फंदे में फंसा पैर, मामला दर्ज, कोई कार्रवाई नहीं

3 जून 2020 : केसरपुरा – मसूदा नाके स्थित केसरपुरा ग्राम में देर रात ग्रामीणों ने पेड़ के नीचे एक पैंथर को बैठा हुआ देखा। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना ग्राम सरपंच सुरेंद्र सिंह चौहान को दी। सरपंच की सूचना पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके तो देखा कि पैंथर का एक पैर लोहे के फंदे में बुरी तरह से फंसा हुआ था, इसके चलते वह भागने में असमर्थ था। वन विभाग ने इसकी जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद जयपुर से मौके पर पहुंची टीम ने पैंथर को ट्रेंकुलाइज कर उसका पैर पंजे से बाहर निकाला और रावली-टॉडगढ़ अभ्यारण्य में छोड़ दिया गया। इसमें अज्ञात व्यक्ति पर वन अपराध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की गई। परंतु अब तक जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।

‘दोषी को सजा मिले, इसके लिए प्रयास जारी’

यह सही है कि पैंथर की मौत के मामलों में कुछ FIR हुई है। सबूत के अभाव में कार्रवाई करना मुश्किल होता है। फिर भी पैंथर की मौत के मामलों में जांच चल रही है। दोषी को सजा मिले, इसके लिए पूरे प्रयास कर रहें हैं।

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