नई दिल्ली
भारतीय मुद्रा रुपया संभवत: एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी के रूप में वर्ष 2020 को बाय-बाय कहेगी। दरअसल, भारतीय रुपये में गिरावट का दौर जारी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, रुपया एशियाई बाजार में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन गया है। इसके पीछे मुख्य वजह विदेशी निवेशकों की ओर से जारी बिकवाली है।
विदेशी निवेशक निकाल रहे पैसा
गौरतलब है कि बिकवाली हावी होने का मतलब है कि घरेलू शेयर बाजार से विदेशी निवेशक अपना पैसा तेजी से निकाल रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अक्तूबर दिसंबर तिमाही में भारतीय रुपया 1.9 फीसदी कमजोर हो चुका है। इस अवधि में भारतीय मुद्रा 74 रुपये प्रति डॉलर के मुकाबले अब 76 रुपये प्रति डॉलर के पार पहुंच गई है। यहां तक कि पाकिस्तानी रुपये और श्रीलंकाई मुद्रा जैसी दक्षिण एशिया की छोटी करेंसियों के मुकाबले भी रुपये का प्रदर्शन कमजोर दिख सकता है। इसके विपरीत, पिछले 12 महीनों के दौरान अधिकतर एशियाई मुद्राओं ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बढ़त दर्ज की है। अन्य करेंसियों की बात करें चीन की मुद्रा रेनमिंबी, फिलिपींस की मुद्रा पेसो, दक्षिण कोरिया की मुद्रा वोन, मलेशिया की मुद्रा रिंगित और थाइलैंड की मुद्रा बाट में मजबूती दर्ज की गई।