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4500 किलो का स्टील ब्रिज:एम्सटर्डम में बना दुनिया का पहला 3डी प्रिंटेड स्टीज ब्रिज, इसे 4 रोबोट्स ने मिलकर तैयार किया; जानिए क्या है यह तकनीक

नीदरलैंड्स की राजधानी एम्सटर्डम में दुनिया का पहला 3डी प्रिंटेड स्टील ब्रिज बनाया गया है। इसकी डिजाइन से लेकर तैयार करने तक का काम रोबोट ने किया है। इसे 4500 किलो स्टील से तैयार किया गया है और एम्सटर्डम की सबसे पुरानी नहर पर लगाया गया है।

ब्रिज को तैयार करने वाली नीदरलैंड्स की कम्पनी MX3D का कहना है, 15 जुलाई को इसका उद्घाटन किया गया था और 18 जुलाई से इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया।

जानिए क्या है 3डी प्रिंटिंग तकनीक और यह ब्रिज क्यों खास है…

4 रोबोट्स ने बनाया 12 मीटर लम्बा ब्रिज
12 मीटर लम्बे इस ब्रिज को 4 रोबोट्स ने मिलकर तैयार किया है। इसे तैयार होने में करीब 6 महीने का वक्त लगा है और इसके बाद ब्रिज को नाव की मदद से लाया गया। फिर क्रेन से इसे नहर पर रखकर फिट किया गया। इसे तैयार करने वाली कम्पनी का कहना है, ब्रिज से जुड़ा सभी डाटा कम्प्यूटर में फीड किया जाएगा, ताकि अगली बार ऐसा ब्रिज बनाने में मदद मिल सके।

ब्रिज की सेहत जांचेंगे सेंसर
कम्पनी ने इस स्टील ब्रिज का नाम MX3D रखा है। यह ब्रिज कितने लोगों का भार सह पाएगा, तापमान बढ़ने-घटने पर क्या असर पड़ेगा और कितना मजबूत होगा, इन सभी पैमानों पर पुल खरा उतर चुका है। ब्रिज में एक दर्जन से अधिक सेंसर लगे हैं। इनकी मदद से पुल की मजबूती से जुड़ी सभी जानकारी मिल चुकी हैं, इसके बाद ही इसे आम लोगों के लिए खोला गया है।

डैमेज होने से पहले अलर्ट किया जा सकेगा
ब्रिज के डिजिटल मॉडल पर काम करने वाले कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के मार्क गिरोलामी का कहना है, अक्सर इंजीनियर्स ब्रिज के डैमेज होने के खतरों पर ध्यान नहीं देते, लेकिन हमनें इस पर भी फोकस किया है। भविष्य में ऐसे ब्रिज को डैमेज होने से पहले अलर्ट जारी किया जा सकेगा।

ब्रिज से जुड़े इंजीनियर्स इस मॉडल का अध्ययन कराएंगे और पता लगाएंगे कि 3डी-प्रिंटेड स्टील का इस्तेमाल करके बड़ी बिल्डिंग तैयार की जा सकती है या नहीं। गिरोलामी कहते हैं, 3डी-प्रिंटेड स्टील काफी मजबूत होती है। हालांकि, यह निर्भर करता है कि इसकी प्रिंटिंग कैसे की गई है।

क्या होती है 3डी-प्रिंटिंग
3डी-प्रिंटिंग निर्माण की एक तकनीक है, इसकी मदद से 3 डायमेंशनल चीजें तैयार की जाती हैं। ये चीजें 3डी-प्रिंटर से तैयार की जाती हैं। एक साधारण प्रिंटर में इंक और कागज की जरूरत होती है, लेकिन 3डी-प्रिंटर की मदद से आप जो कुछ भी तैयार करते हैं उसका आकार, रंग और डिजाइन भी तय कर सकते हैं। एक बार सब कुछ तय होने के बाद मशीन में डाटा फीड किया जाता है और चीजों को तैयार करने का काम रोबोट करते हैं।

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