दुनिया में केवल जीवन की क्वालिटी नहीं, बल्कि मृत्यु की क्वालिटी भी मायने रखती है। हम सभी ये आशा करते हैं कि एक अच्छी जिंदगी जीने के बाद हमारी सांसें भी सुकून से ही थमें, लेकिन जहां हाई इनकम देशों में रह रहे लोगों के लिए ये सच्चाई होती है, वहीं लो इनकम देशों के लोगों के लिए ये महज एक सपना रह जाता है। ऐसा क्यों होता है, इसका जवाब वैज्ञानिकों ने हाल ही में क्वालिटी ऑफ डेथ एंड डायिंग इंडेक्स 2021 के जरिए दिया है।
इस स्टडी को अमेरिका की ड्यूक यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने किया है। इसमें दुनिया भर के 81 देशों को जिंदगी के आखिरी वक्त में दी जा रही देखभाल के आधार पर A, B, C, D, E, F ग्रेड दिए गए हैं। रिपोर्ट में जहां केवल 6 देशों ने A ग्रेड कमाया है, वहीं 21 देशों को F ग्रेड मिला है।