बीकानेर. परिलाभ व समय पर पेंशन, वेतन का भुगतान नहीं होने से खफा रोडवेज कार्मिक आंदोलन की राह पर है। अपने हक की लड़ाई के लिए रोडवेज कार्मिक संयुक्त मोर्चे का गठन कर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए क्रमवार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में रोडवेज शुक्रवार को बीकानेर में केन्द्रीय बस स्टैण्ड पर बैठक आयोजित की। इसमें शामिल हुए प्रदेश स्तर के श्रमिक नेताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में सत्तासीन पार्टी ने सत्ता में आने पहले रोडवेज कार्मिकों के हितों की रक्षा के लिए कई वादे किए थे, लेकिन अब वो मुकर गई। इसका खमियाजा रोडवेज कार्मिकों को भुगतना पड़ रहा है।
रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने क्रमवार आंदोलन शुरू किया है। इसी कड़ी में १ से ३० सितंबर तक प्रदेशव्यापी रणनीति बनाई गई है। इसके तहत ही शुक्रवार को बीकानेर आगार पर सभा रखी गई। इसमें इंटक, एटक, सीटू, कर्मचारी कल्याण समिति, जनता मजदूर संघ, आरएसआरटीसी रिटायर्ड एम्पलाईज एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए।
आंदोलन के क्रम शुक्रवार को बीकानेर आए राजस्थान स्टेट रोडवेज एटक के प्रदेश सचिव राकेश पूनिया ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि सरकार मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। सेवानिवृत्तों का करोड़ों रुपए का परिलाभ बकाया पड़ा है। नई बसें नहीं मिल रही है, सत्ताधारी पार्टी ने अपने चुनाव के घोषणा पत्र में कई चीनी के धोरे दिखाए थे, लेकिन उन पर अमल नहीं किया। यही वजह है कि कार्मिकों को हक के लिए इस तरह से आंदोलन की राह पर नहीं उतरना पड़ता। पूनिया ने चेताया कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों को नहीं माना तो २७ अक्टूबर को प्रस्तावित चक्काजाम हड़ताल को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इससे पूर्व 5 अक्टूबर को जयपुर में प्रदेशस्तरी रैली निकाली जाएगी।
इनकी रही भागीदारी
रिटायर्ड कर्मचारी संगठन के उपाध्यक्ष रामेश्वर ढाका, इंटक के भूराराम, सीटू के रामदेव सिंह, बीकानेर से रामेश्वर शर्मा, गिरधारीलाल, विक्रम सिंह, मुरारी मोहन सक्सेना, किशन सिंह सहित श्रमिक नेताओं ने भागीदारी निभाई।