श्रीगंगानगर। शहर के अनेक जनप्रतिनिधियों ने आज रोष जुलूस निकालते हुए जिला प्रशासन की गैरत को जगाने का प्रयास किया। बड़ी संख्या में जी-ब्लॉक में सभापति श्रीमती करुणा चांडक और उनके पति, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक चांडक के निवास पर इकट्ठा हुए जनप्रतिनिधियों तथा अन्य लोगों ने कल शाम की घटना पर आक्रोश जताते हुए मुख्य मार्गों पर जुलूस निकाला।जिला कलेक्ट्रेट पहुंच कर सभा की,जिसमें विधायक राजकुमार गौड़ और उनके भांजे हिस्ट्रीशीटर सुनील पहलवान के विरुद्ध जमकर भड़ास निकाली। विधायक पर आरोप लगाया गया कि उनकी शह पर उनका भांजा सुनील पहलवान शहर में असामाजिक तथा अपराधिक तत्वों को बढ़ावा देकर गैर कानूनी कार्यों के साथ-साथ शहर हित में नगर परिषद द्वारा किए जा रहे कार्यों में दखलअंदाजी कर रहा है।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक महेंद्रसिंह बराड़,नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगदीश जांदू, पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता महेश पेडीवाल, बिहाणी शिक्षा न्यास के अध्यक्ष एवं समाजसेवी जयदीप बिहाणी, बाबा दीपसिंह गुरुद्वारा सेवा समिति के वरिष्ठ सेवादार तेजेंद्रपालसिंह टिम्मा, पार्षद कृष्ण सिहाग, ऋतु धवन, सलीम अली चौपदार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि तथा आम नागरिक शामिल हुए। उक्त जनप्रतिनिधियों के शिष्टमंडल ने जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन और उनके साथ मौजूद पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत को शहर में बिगड़ रहे माहौल को लेकर खूब जमकर खरी-खोटी सुनाई। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी अपने दब्बूपन की वजह से अपराधिक किस्म के लोगों के समक्ष नतमस्तक हो रहे हैं। उन पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी जी हजूरी में लगे रहते हैं। जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के लचर रवैये पर भी खूब भड़ास निकाली। अधिकारियों से कहा कि वे अपने रवैया को सुधारें तो शहर के हालात भी अपने आप सुधर जाएंगे। जनप्रतिनिधियों ने कोई ज्ञापन अधिकारियों को नहीं दिया। बाहर आकर अशोक चांडक, जगदीश जांदू और महेश पेडीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिला प्रशासन से कोई राहत की उम्मीद नहीं है। आज जन आक्रोश भी एक औपचारिकता के नाते व्यक्त किया गया है। इसके बाद भी प्रशासन ने सख्ती से अपराधिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की तो जनता को लामबंद कर सड़कों पर उतारा जाएगा। इसके लिए हम सब मिलकर नेतृत्व करेंगे। शहर के माहौल को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
जगदीश जांदू ने जिला प्रशासन के एक अधिकारी के बयान पर हैरानी जताई कि कल शाम जी ब्लॉक में चांडक निवास के पास एक अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई के लिए नगर परिषद में प्रशासन से मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मांग क्यों नहीं की? श्री जांदू ने कहा कि रातों रात हुए एक कब्जे को हटाने के लिए नगर परिषद को प्रशासन की अनुमति, मजिस्ट्रेट की नियुक्ति और पुलिस बल की जरूरत नहीं है।नगर परिषद खुद इसके लिए अधिकृत है। अलबत्ता अगर कोई बड़े पैमाने पर कब्जे हटाने का अभियान चलाना हो तो प्रशासन से मदद मांगी जाती है। कल शाम जो कब्जा नगर परिषद हटाने जा रही थी, वह परसों रात को ही किया गया था। अगर इस प्रकार के कब्जों के लिए प्रशासन की तरफ नगर परिषद देखेगी तो कब्जाधारी अदालत से स्थगन आदेश ले आएगा। ऐसे में कोई भी कब्जा नहीं हटाया जा सकेगा। महेश पेडीवाल ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के रवैए पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इनको अपनी नौकरी और पद की पड़ी है, जबकि शहर में 10-12 वर्ष के बच्चे भी नशे की गर्त में डूबते जा रहे हैं।थाना अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मोबाइल फोन कॉल की जांच हो जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि इनकी ज्यादातर किस प्रकार के लोगों से बातचीत होती है। अशोक चांडक ने आरोप लगाया कि सुनील पहलवान को विधायक राजकुमार गौड़ की शह प्राप्त है। इस प्रदर्शन को देखते हुए जिला कलेक्ट्रेट के अंदर और बाहर काफी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया।
उल्लेखनीय है कि कल दोपहर बाद जी ब्लॉक में चांडक के निवास के पास रहने वाले विकेश सेतिया द्वारा अपने घर के बाहर शैड लगाकर किए गए कब्जे को हटाने की कार्रवाई नगर परिषद द्वारा की जा रही थी। इसी दौरान विधायक गौड का भांजा सुनील पहलवान कुछ लोगों को लेकर पहुंच गया। आरोप है कि सुनील के साथ आए किसी व्यक्ति ने अशोक चांडक से हाथापाई की। दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और काफी बोलचाल हुई। इस घटनाक्रम को लेकर कल देर रात को दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में मारपीट करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में परस्पर मुकदमे भी दर्ज करवाए गई हैं। अशोक चांडक और उनके पक्ष में आए जनप्रतिनिधियों व अन्य लोगों ने विधायक राजकुमार गौड़ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन पर अपने भांजे के जरिए शहर का माहौल बिगाड़ने के आरोप लगाए।