जयपुर
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच अच्छी खबर है। राजस्थान में जिस गति से वैक्सीनेशन चल रहा है अगर उसी गति से चलता रहा तो अक्टूबर के अंत तक पूरे प्रदेश में वैक्सीनेशन का एक सर्किल पूरा हो जाएगा। केन्द्र सरकार की ओर से जो 5 करोड़ 14 लाख 95,402 लोगों को चिह्नित (टारगेट ग्रुप) किया है, उनको वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग जाएगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से मिले डेटा को देखें तो सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन सीकर जिले में हुआ है। यहां 20 लाख 6679 लोगों को टीका लगना है, जबकि इनमें से 17 लाख 31 हजार से ज्यादा लोगों को पहला डोज लग चुका है, जो कुल टारेगट ग्रुप का 86 फीसदी से ज्यादा है। इनमें से 29.71 फीसदी लोग ऐसे है, जिनका वैक्सीनेशन पूरा हो चुका है। वैक्सीनेशन में सबसे पीछे भरतपुर जिला चल रहा है, जहां अब तक 58 फीसदी टारगेट ग्रुप को भी वैक्सीन का पहला डोज नहीं लगा है। यहां 19.13 लाख को वैक्सीन लगना है, जिसमें से 11 लाख 7,176 लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है।
अगस्त में लगी थी 1.18 करोड़ डोज
इस साल 16 जनवरी से राज्य में हेल्थ केयर वर्कर्स के वैक्सीन लगाने के साथ यह अभियान शुरू हुआ था। तब से अब तक पूरे राज्य में 3 करोड़ 71 लाख से ज्यादा लोगों को पहला डोज लग चुका है। सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन बीते महीने अगस्त में हुआ। अगस्त में 1.18 करोड़ डोज लगे। सितम्बर में राज्य सरकार को केन्द्र से 96 लाख डोज का कोटा आवंटित हुआ है, लेकिन उम्मीद इससे कहीं ज्यादा डोज मिलने की है। अगस्त में केवल 53 लाख डोज का अलॉटमेंट था, लेकिन राज्य को 1.18 करोड़ डोज मिले।
फ्रंट लाइन वर्कर्स का 100 फीसदी
राजस्थान में फ्रंट लाइन वर्कर्स का जनवरी-फरवरी में जब रजिस्ट्रेशन किया था, तब इसमें 5 लाख 89 हजार 908 लोगों चिह्नित किए थे। इनमें नगर निगम, नगर पालिकाओं के तमाम कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, पुलिस और होमगार्ड के जवान, जिला प्रशासन में फील्ड में तैनात जवान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सरकारी कार्यालयों में लगे सुरक्षा गार्ड, फील्ड ड्यूटी में लगे रेवेन्यू डिपार्टमेंट के कर्मचारी अधिकारी जैसे पटवारी, नायब तहसीलदार, ग्राम विकास अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे।
इन सभी को वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है, जबकि 80 फीसदी से ज्यादा का वैक्सीनेशन पूरा हो चुका है। 60 या उससे ज्यादा एजग्रुप के लोगों में से 99 फीसदी से ज्यादा को पहला डोज लग गया है। इस एजग्रुप के 68 लाख 33 हजार लोगों को केन्द्र सरकार ने चिह्नित किया है, जिसमें से 67 लाख 78 हजार से ज्यादा लोगों को सिंगल डोज लग चुका है।