पार्टनर पर लाखों का भुगतान नहीं करने का आरोप
श्रीगंगानगर । सूरतगढ़ शहर से लापता हुए एक युवा फाइनेंसर गौरव गौड (38) की लाश इंदिरा गांधी नहर में बरामद हुई है। राजियासर थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि गौरव की लाश बीकानेर जिले में पूगल थाना अंतर्गत इंदिरा गांधी नहर की बुर्जी संख्या 803 के पास कल देर शाम को बरामद हुई, जिसे आज सुबह सूरतगढ़ के सरकारी हस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिवार वालों को सौंप दी गई। गौरव के भाई राजेंद्र द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर नंदकिशोर सारडा पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गौरव विगत 8 सितंबर को दोपहर बाद कार सहित गायब हो गया था।उसी दिन रात लगभग 8 बजे गौरव की मोबाइल फोन पर परिवार वालों से बात हुई थी। फिर मोबाइल फोन बंद हो गया। अगले दिन 9 सितंबर की दोपहर को राजियासर थाना क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर के किनारे उसकी कार लावारिस हालत में मिली। कार में मोबाइल फोन के साथ ही एक सुसाइड नोट भी था। गौरव के नहर में कूद जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस और परिवार वाले तब से उसकी इंदिरा गांधी नहर में तलाश करवा रहे थे। कल शाम लाश मिलने पर देर रात को भाई राजेंद्र ने नंदकिशोर शर्मा पर मुकदमा दर्ज करवाया। थाना अधिकारी के अनुसार गौरव और नंदकिशोर पार्टनरशिप में फाइनेंस का काम करते थे। सुसाइड नोट में गौरव ने आरोप लगाया है कि एक-दो वर्षों से नंदकिशोर कोई हिसाब किताब नहीं दे रहा। उसने मोटे तौर पर 50-60 लाख के हिसाब किताब का जिक्र किया है। साथ में पूरा हिसाब किताब बही खातों में लिखा होना बताया है। थाना अधिकारी के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि गौरव जहां हिसाब किताब कर नंदकिशोर सारडा से 50-60 लाख बकाया बताते हुए उससे मांग रहा था, वही गौरव ने भी कुछ लोगों से पैसा ब्याज पर ले रखा था। यह लोग उस से पैसा मांग रहे थे और गौरव नंदकिशोर से मांग रहा था। नंदकिशोर पर आरोप है कि उसके द्वारा पैसा नहीं देने के कारण गौरव परेशान था।इसी के चलते उसने नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली।थाना अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।