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सेकेंड हैंड कार बनी पहली पसंद:अगस्त में कार खरीदने के लिए ऑनलाइन ट्रांसजेक्शन 25% तक बढ़ा, ऑल्टो 800 को 55% के साथ सबसे ज्यादा खरीदा गया

नई दिल्ली

दुनियाभर में सेमीकंडक्टर की कमी से नई कारों का प्रोडक्शन कम हो रहा है। लोग अब सेकेंड हैंड कारों के मार्केट की तरफ जा रहे हैं। यही वजह है कि सेकेंड हैंड कार मार्केट अब 5 से 10% तक महंगा हो गया है। नतीजतन ड्रूम, OLX, Cars24 जैसे ऑनलाइन सेकेंड हैंड कार प्लेटफॉर्म में अप्रैल से अगस्त पीरियड में ऑनलाइन ट्रांसजेक्शन 25% तक बढ़ गया है।

अप्रैल में कार की डिमांड 10 हजार यूनिट रही
ड्रूम के फाउंडर और CEO संदीप अग्रवाल का कहना है कि अप्रैल से अगस्त के बीच सेकेंड हैंड कार की डिमांड रॉकेट की स्पीड की तरह बढ़ी है। अप्रैल में इसका मार्केट 130 मिलियन डॉलर (लगभग 958 करोड़ रुपए) का रहा, जो अगस्त में 165 मिलियन डॉलर (लगभग 1,216 करोड़ रुपए) का हो गया है।

यूनिट में बात करें तो सेकेंड हैंड कार 7,500 यूनिट से बढ़ कर 10 हजार यूनिट हो गया है। ड्रूम के प्लेटफॉर्म में ये आंकड़ा अप्रैल में 9 लाख यूनिट्स से 10.1 लाख यूनिट्स हो गया है। सेकेंड कार की कीमत में भले ही 5 से 10% बढ़ी हैं लेकिन इन कारों में अच्छा खासा मोल-भाव करने की गुंजाइश भी बनी रहती है।

सेकेंड हैंड कार में सबसे ज्यादा डिमांड ऑल्टो की रहेगी
OLX ऑटो के CEO अमित कुमार का कहना है कि सेकेंड हैंड कार में लोग उन कार को पसंद कर रहे हैं जो बेस्ट सेलिंग मॉडल बनी हुई हैं। फाइनेंशियल ईयर 2021 की चौथी तिमाही और 2022 के फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में ऑल्टो 800 की 55%, स्कॉर्पियो 42%, सेंट्रो 37% और वैगनआर की 23% बिक्री हुई। बेस्ड सेलिंग मॉडल की कीमत 3 से 10% तक बढ़ी हैं।

डिमांड बढ़ने से सेकेंड हैंड कार का स्टॉक भी कम हो रहा
पुरानी कारों को बेचने वाले CARS24 के CEO कुनाल मुंद्रा का कहना है कि ऑटो इंडस्ट्री में अभी चिप की कमी है, देश में फेस्टिव सीजन से पहले के मुकाबले सेकेंड हैंड कार की बिक्री और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि नए कार डीलरों पहले ही कह चुके हैं कि हमारे पास लगभग 25 दिन का ही स्टॉक है, जो इस साल के फेस्टिव सीजन के लिए कम होगा।

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