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न जमीनों का एकीकरण होगा न भू उपयोग परिवर्तन,पट्टे जारी करने के लिए डीटीपी ही नहीं

बीकानेर. प्रशासन शहरों के संग अभियान गांधी जयंती से शुरू होगा। नगर निगम और नगर विकास न्यास ने पूर्व तैयारी शिविरों के माध्यम से आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस बार 10 लाख लोगों को पट्टे जारी करने का है। आधी-अधूरी गाइडलाइन के बीच लोगों को इस बार भी आस है कि उनके अपने आशियानों के पट्टे प्राप्त हो जाएंगे। लेकिन निगम और न्यास में जिन अधिकारियों के माध्यम से पट्टे जारी होने की प्रक्रिया पूरी होनी है, मूल पद के अधिकारी ही नहीं है।

इससे इस बार भी लोगों को सरकार की मंशा के अनुसार पट्टे जारी हो जाएंगे, कब्जा नियमन हो जाएगा अथवा भू उपयोग परिवर्तन, एकीकरण आदि की कार्रवाई हो जाएगी, इस पर संशय बना हुआ है। न नगर निगम में उप नगर नियोजक है और ना ही नगर विकास न्यास में। सर्वेयर और प्रारूपकार भी नहीं है।

डीटीपी ही जरुरी

नगर निगम और नगर विकास न्यास से जुड़े जानकारों का कहना है कि प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान उप नगर नियोजक (डीटीपी) का होना आवश्यक है। भूमि और पट्टे संबंधित विभिन्न कार्यो की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए डीटीपी का होना आवश्यक है। 90 ए व 90 बी कॉलोनी की स्वीकृति,ले आऊट प्लान, उप विभाजन, एकीकरण, भू उपयोग परिवर्तन, पट्टा जारी करना, खांचा भूमि, स्टेट ग्रांट पट्टे, कच्ची बस्ती में नियमन सहित विभिन्न कार्यो की तकनीकी प्रक्रिया पूरी होनी आवश्यक है। प्राप्त आवेदनों की गंभीरता व सूक्ष्मता से जांच आवश्यक है। डीटीपी के नहीं होने से ये सभी कार्य प्रभावित होंगे। अनुभवी अधिकारी व व्यवहारिक अनुभव के डीटीपी से जनता को लाभ मिल सकेगा व प्रकरण अनावश्यक लंबित नहीं होंगे।

एईएन व एटीपी को कार्यभार

नगर निगम में उप नगर नियोजक के महत्पवूर्ण पद का दायित्व सहायक अभियंता को सौंप रखा है। वहीं नगर विकास न्यास में प्रोबेशन पीरियड में चल रहे एटीपी को कार्यभार दिया हुआ है। दोनों विभागों में मूल पद और अनुभवी व्यक्ति के नहीं होने का असर अभियान के दौरान सामने आ सकता है। पट्टे व भूमि संबंधी कार्यो में विलंब होना व जनता का परेशान होना तय माना जा रहा है।

न बनेगा मानचित्र ना होगा सर्वे

नगर विकास न्यास में वरिष्ठ प्रारूपकार से सर्वेयर तक के सात पद स्वीकृत है। सातों पद रिक्त चल रहे है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ प्रारूपकार का एक पद, प्रारूपकार के दो पद और सर्वेयर के चार पद है। सभी पद खाली है। न्यास में मानचित्र बनाने वाला पट्टा आवेदन होने पर सर्वे करने वाला मूल पद का कर्मचारी ही नहीं है। सेवानिवृत्त प्रारूपकार को एक बार अस्थायी रूप से लगाया गया है। यही स्थिति निगम की है। निगम में ड्राफ्टमैन कम सर्वेयर के दो पद स्वीकृत है, दोनों रिक्त है। निगम एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के भरोसे सर्वे का कार्य कर अभियान चलाने की सोच रहा है।

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