श्रीगंगानगर। करंट से बुरी तरह झुलसी एक बंदरिया का हनुमानगढ़ रोड पर टांटिया यूनिवर्सिटी परिसर में स्थित टांटिया वेटरनरी क्लिनिक में सफल उपचार किया गया है। समन्वयक दलजीत सिंह ने बताया कि पठानवाला क्षेत्र का एक पशु प्रेमी इस बंदरिया को लेकर आया। करंट के कारण 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा जला हुआ था, गम्भीर चोट से पेट भी फट गया था। डॉ. नीलम चौधरी एवं डॉ. गगनदीप ने अपनी विशेषज्ञता एवं अनुभव के चलते उसका सफल उपचार किया।
टांटिया वेटरनरी क्लिनिक की विश्वस्तरीय अत्याधुनिक सेवाओं का लाभ श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले के अलावा पड़ोसी राज्यों के पशुपालक भी उठा रहे हैं। सिर्फ 10 रुपए में पशु-पक्षियों को देखा जाता है, अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन भी इसमें लगाई गई है। पशुओं की खून जांच, लीवर, किडनी संबंधी रोगों की जांच के अलावा एक्सरे, अल्ट्रासाउंड आदि की सुविधा उपलब्ध है। बीमार पशुओं को एडमिट कर इलाज किया जाता है साथ ही पशुपालकों के ठहरने की व्यवस्था भी की गई है।
टांटिया वेटरनरी क्लिनिक में जरूरत के हिसाब से सुविधाओं में विस्तार जारी है। सीबीसी एनालाइजर, बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर आदि प्रारम्भ होने से पशुओं की जांच एवं उपचार में गुणवत्ता बढ़ गई है। क्लिनिक में चूहे से लेकर ऊंट तक, गौवंश, भैंस, कुत्ते, बिल्ली आदि सभी तरह के पशुओं का उपचार, सभी पशुओं के लिए रक्त जांच (सीबीसी) भी उपलब्ध है।