हनुमानगढ. पल्लू थाना पुलिस ने एक ट्रक मालिक को अपने चालक की तेजाब से झुलसा कर हत्या कर देने के आरोप में गिरफ्तार किया है।ट्रक मालिक को पता चल गया था कि चालक के उसकी बहन के साथ प्रेम संबंध हो गए हैं। यह दोनों आपस में फोन पर लगातार बातचीत करते हैं। पल्लू थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर अमरसिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र के गांव सिरंगसर निवासी ट्रक मालिक गोपीराम सिहाग (25) को अपने ही ट्रक के चालक संपतसिंह (22) निवासी बुक्कलसर थाना भानीपुरा जिला चूरू की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मृतक संपतसिंह लगभग डेढ़ वर्ष से गोपीराम सिहाग के ट्रक ट्रेलर पर चालक था।वह ट्रक ट्रेलर से जिप्सम की धुलाई करता था।
थाना अधिकारी के मुताबिक गोपीराम मालिक होने के साथ-साथ चालक भी था।दोनों साथ ही लंबे रूट पर माल लेकर जाया-आया करते थे। चालक होने के कारण संपतसिंह का सिरंगसर में गोपीराम के घर में आना जाना भी होता था। इसी दौरान ही गोपीराम की बहन से उसकी दोस्ती हो गई जो कथित प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों मोबाइल फोन पर बातचीत करने लगे। इस बात की भनक लगभग एक महीना पहले गोपीराम को लग गई। तब संपत ने गोपीराम की बहन से बातचीत करना बंद कर दिया, लेकिन इस बात की अंदर ही अंदर गोपीराम ने रंजिश रखी।विगत 12 सितंबर की शाम को गोपीराम ने बीकानेर में किसी नाजिम खान नामक व्यक्ति के यहां से ट्रक ट्रेलर में जिप्सम भरा और गोविंदगढ़ (पंजाब) के लिए रवाना हुआ। संपतसिंह साथ में ही था। गोपीराम ने उसे ठिकाने लगाने की पहले ही साजिश रच रख थी। उसी दिन रात लगभग 11 बजे पल्लू थाना क्षेत्र में दूधली के पास ट्रक ट्रेलर रोककर गोपी राम ने लाठी-डंडे और लात घूसों से संपतसिंह की काफी पिटाई की। उसके काफी चोटें लगीं। उसका मोबाइल फोन छीन लिया। यही नहीं तेजाब डालकर उसे बुरी तरह से झुलसा दिया। संपतसिंह किसी तरह भाग खड़ा हुआ। वह झुलसी हुई हालत में लगभग 11 किलोमीटर पैदल गिरता पड़ता निकटवर्ती दनियासर गांव पहुंच गया। रास्ते में एक खेत की कटीली तार से निकलते हुए उसे करंट भी लगा।तारों में करंट छोड़ा हुआ था। गांव के बाहर सूनसान स्थल पर पानी की एक टंकी के पास बेहोश होकर गिर गया।
थाना अधिकारी के अनुसार 13 सितंबर को पूरे दिन संपत सिंह टंकी के पास ही बेहोश पड़ा करहाता रहा। किसी को पता नहीं चला। अगले दिन 14 सितंबर कि सुबह गांव के एक व्यक्ति की नजर पड़ी तो अपात्काल सेवा 108 की एंबुलेंस बुलाकर पल्लू के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया।अस्पताल में संपतसिंह द्वारा इस पूरे घटनाक्रम के दिए गए बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने संपतसिंह को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। बीकानेर में उपचाराधीन रहते मजिस्ट्रेट से उसके बयान कलमबद्ध करवाए गए। एक हफ्ते बाद बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में संपत सिंह की मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण शरीर पर अत्यधिक चोटें और तेजाब से झुलसा देना बताया गया है। मारपीट के दर्ज हुए मुकदमे को हत्या में तब्दील कर दिया गया। थानाधिकारी के मुताबिक आरोपी गोपीराम की निशानदेही पर संपतसिंह का मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है। मोबाइल फोन को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एसएसएल) को जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि पता चल सके कि इसमें से कोई डाटा डिलीट तो नहीं किया गया। अगर डिलीट किया गया होगा तो उसे पुलिस के सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट रिकवर कर लेंगे।
इस हत्याकांड को लेकर परसों पुलिस सिरंगसर में गोपीराम की बहन से पूछताछ करने गई तो घबराहट के मारे वह बेहोश हो गई। इसलिए पूछताछ को मुल्तवी कर दिया गया। थाना अधिकारी ने कहा कि उसकी मनोदशा ठीक होने पर जल्दी ही पूछताछ की जाएगी। आज गोपीराम को अदालत में पेश करने पर विस्तृत पूछताछ के लिए रिमांड मिला है।