लुधियाना
पंजाब की नवनियुक्त चन्नी सरकार का आज दोपहर बाद कैबिनेट विस्तार होने जा रहा है। इसमें कुछ नए चेहरे मंत्री बनने जा रहे हैं। इसके साथ ही विरोधियों ने इन्हें घेरना भी शुरू कर दिया है। चन्नी सरकार के दो विधायकों पर मंत्री पद की शपथ लेने से पहले ही सवाल उठाए गए हैं। विधानसभा क्षेत्र गिद्दड़बाहा से विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और खन्ना से गुरकीरत कोटली को कैबिनेट में लेने पर अकाली दल सवाल उठा रहा है। शिअद नेताओं का कहना है कि दोनों पर गंभीर आरोप लगे हुए हैं और इन्हें कैबिनेट में लेकर कांग्रेस इनका पक्ष लेते हुए दिख रही है।
यूथ अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमबंस सिंह बंटी रोमाणा और अमृतसर साहिब से विधायक कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी का कहना है कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर फरीदकोट के एक व्यापारी ने आरोप लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इससे पहले उसने अपने बच्चों को गोली भी मार दी थी। अमरिंदर वड़िंग के साले पर भी अपराधिक मामला दर्ज है और उसकी सुनवाई शपथ समारोह के कुछ दिन बाद ही है। इसी तरह गुरकीरत सिंह कोटली के खिलाफ 1994 में फ्रांस से आई एक सैलानी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा हुआ है।
दागी विधायकों को उत्साहित कर रही पार्टी
बंटी रोमाणा व रोजी बरकंदी ने आरोप लगाया है कि चरणजीत सिंह चन्नी की अगुवाई वाली नई पंजाब सरकार में दागी विधायकों को मंत्री बनाकर उन्हें उत्साहित किया जा रहा है। यह लग रहा है कि जब विधायकों पर संगीन आरोप हैं तो उनके बुरे कार्यों को नजर अंदाज करके उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे कांग्रेस की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं और साफ है कि कांग्रेस में नैतिक मूल्यों की जगह नहीं है। पार्टी से इंसाफ की आस नहीं रखी जा सकती है।
राहुल गांधी से सवाल, क्या वह इन्हें बचा रहे
शिरोमणि अकाली दल बादल की तरफ से राहुल गांधी से सवाल पूछा गया है कि अगर राहुल गांधी जीवन की पारदर्शिता और नैतिक जीवन में विश्वास रखते हैं तो फिर क्या दोनों विधायकों को कैबिनेट मंत्री बनाने पर विचार करेंगे, जबकि उन पर गंभीर आरोप लगे हैं या राहुल गांधी दोनों को बचा रहे हैं। अगर ऐसा है तो क्यों, जवाब दें।