छह घंटे थमी रही वाहनों की रफ्तार, अति आवश्यक सेवाओं को रखा मुक्त
हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दस माह से भी अधिक समय से जारी आन्दोलन के बीच संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के राष्ट्रव्यापी भारत बंद के आह्वान पर सोमवार को एक बार फिर किसान व किसान कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। उन्होंने पूर्व घोषणानुसार बाजार बंद करवाया तथा चक्काजाम किया। हनुमानगढ़ जिले में भी जगह-जगह चक्काजाम होने से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गए। चक्काजाम सुबह करीब 10 बजे से शाम 4 बजे तक चला। इसके चलते मुख्य मार्गांे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। यात्री व वाहन चालक घंटों चक्काजाम में फंसे रहने से परेशान हुए। हालांकि अति आवश्यक सेवाओं को चक्काजाम व बाजार बंद से मुक्त रखा गया। जिला मुख्यालय पर जंक्शन व टाउन का बाजार भी बंद रहा। मुख्य बाजार के व्यापारियों ने भी बंद को समर्थन देने तक हुए अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। जिले की कई जगह धानमंडियों में व्यापारियों के भारत बंद को समर्थन के चलते कृषि जिन्सों की बोली भी नहीं हुई। जंक्शन व टाउन में किसान नेताओं की टोलियां सुबह आठ बजे के करीब बाजार में निकल पड़ी। हालांकि तब इक्का-दुक्का दुकानों को छोड़कर पूरा बाजार बंद था। किसान नेताओं ने आग्रह कर खुली दुकानें भी बंद करवा दी। जंक्शन का बाजार बंद करवाने से पहले किसान, किसान कार्यकर्ता व मजदूर श्रीगंगानगर रोड स्थित लाल चौक पर एकत्रित हुए। यहां शहीद-ए-आजम भगतसिंह की जयंती पर शहीद को याद किया गया। वहां से संयुक्त किसान मोर्चा हनुमानगढ़ के रामेश्वर वर्मा, शेरसिंह, रघुवीर सिंह वर्मा, बीएस पेंटर, कुलविन्द्र ढिल्लों, रामकुमार, जिला परिषद सदस्य मनीष गोदारा, अवतार सिंह, वारिस अली, मुकद्दर अली, शिवा प्रधान, इकबाल खान, नायबसिंह, गुरसेवक सिंह आदि के नेतृत्व में रैली के रूप में केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जंक्शन के मुख्य बाजार पहुंचे। पूरे बाजार में घूमकर खुली दुकानों को बंद करवाया। बाजार बंद करवाने के बाद शहर के हृदयस्थल भगतसिंह चौक पर सभा की। उधर, टाउन में मोर्चा के साधासिंह खोसा, रेशमसिंह, शिंगारासिंह, आत्मासिंह, सुरेन्द्र शर्मा, सरपंच रोहित शर्मा, बहादुर सिंह चौहान, अपारज्योत बराड़ आदि किसान नेताओं के नेतृत्व में किसान कार्यकतार्ओं ने बाजार बंद करवाया। इसके बाद भारत माता चौक पर चक्काजाम शुरू किया। चक्काजाम स्थल पर सभा आयोजित की गई। इसी कड़ी में किसान कार्यकतार्ओं व किसानों ने संगरिया रोड स्थित गांव नवां के पास सुबह 6 बजे से ही जाम लगाकर आवागमन रोक दिया। हालांकि, रविवार तक किसान मोर्चा ने जाम के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की थी। ऐसा माना जा रहा था कि रीट के अभ्यर्थियों के आवागमन को देखते हुए जाम नहीं लगाया जाएगा लेकिन सोमवार को सुबह ही कई युवाओं ने जाम लगा दिया। इस दौरान रीट अभ्यर्थियों को वापस ले जा रही एक बस को भी रोक लिया गया। ऐसा कहा जा रहा था कि जाम लगाया भी जाता है तो इसका समय सुबह 9 बजे के बाद ही होगा, लेकिन सुबह जल्दी ही जाम लगने से लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। इसके अलावा सूरतगढ़ फोरलेन पर स्थित चुंगी नंबर आठ के पास किसानों व किसान कार्यकतार्ओं ने सड़क के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य वाहन खड़े कर आवागमन बंद कर दिया तथा सड़क किनारे धरना दिया। टाउन रोड पर घग्घर नाली के पुल, सूरतगढ़ फोरलेन पर गांव मक्कासर व डबलीराठान के बीच स्थित टोल नाका, श्रीगंगानगर रोड पर स्थित गांव जंडावाली, गोलूवाला रोड पर गांव पक्काभादवां, बनवाला, अबोहर मार्ग पर गांव खेरुवाला के नजदीक स्थित टोल प्लाजा सहित अन्य जगहों पर भी सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चक्काजाम कर किसानों व किसान कार्यकतार्ओं ने धरने दिए तथा सभा की। सभा में वक्ता केन्द्र सरकार पर जमकर बरसे। सभाओं में वक्ताओं ने कहा कि यह आन्दोलन सिर्फ किसानों की मांगों के लिए ही नहीं है, बल्कि यह आंदोलन देशहित और आम जनता के हितों से जुड़ा हुआ जन आंदोलन बन चुका है। यह हमारी फसलों और आने वाली नस्लों को बचाने की लड़ाई है। देश के संविधान, लोकतन्त्र और लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने का यह आंदोलन है। किसान कोरोना जैसी भयानक बीमारी की पीड़ा में भी करीब दस माह से दिल्ली के बॉर्डर पर डटा है, फिर भी केन्द्र सरकार उसे सुनने को तैयार नहीं है। अब तक करीब 700 किसान इस आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं। वक्ताओं ने यह बात फिर दोहराई कि जब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं किए जाते और एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून नहीं बनाया जाता तब तक किसान पीछे हटने वाला नहीं। अगर सरकार अब भी नहीं चेती तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस हिटलरशाही सरकार को झुकाकर ही दम लेंगे। उधर, बाजार बंद व चक्काजाम के दौरान पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस अधिकारियों की अगुवाई में काफी संख्या में पुलिस जवान मौके पर तैनात रहे।