रास्ते इतने संकरे की नहीं निकल सकेगी दमकल, तीन साल में भी नहीं बदले हालात श्रीगंगानगर। तीन पहले दिल्ली की एक फैक्ट्री में हुई आगजनी में करीब 40 लोगों की मौत हुई थी। यह आंकड़ा मात्र एक अंक में हो सकता था परन्तु दुकानदारों ने अपने स्वार्थ के लिए अतिक्रमण इतने कर लिए कि वहां मौके पर दमकल को पहुंचने में ही काफी समय लग गया। अगर दमकल समय पर पहुंच जाती तो कई लोगों की जान बच सकती थी। कुछ यहीं स्थिति जिला मुख्यालय पर भी है। यहां बाजार क्षेत्र में दमकल की गाड़ी तो दूर दुपहिया वाहनो की आवाजाही करने में भी बाधा आ रही है। क्योंकि यहां अतिक्रमण के कारण गलियां संकरी हो गई। अगर यहां दिन के समय किसी दुकान में बड़ी आगजनी की घटना हुई तो आग बुझाने के सारे उपकरण और संसाधन बेबस नजर आएंगे। जानकारी अनुसार हर साल दीपावली के दौरान अग्नि शमन सेवा केन्द्र बार- बार आग बुझाने के संबंध में आ रही परेशानी की रिपोर्ट बनाकर नगर परिषद और जिला प्रशासन को भिजवाता है, लेकिन अब तक एक भी रिपोर्ट पर एक्शन नहीं लिया गया है। प्रताप मार्केट में के हालत काफी खस्ता है यहां अस्थायी दुकानों की भरमार हैै। मुख्य गेट से लेकर गांधी चौक तक पूरी गली में अलग अलग दुकानदारों ने अस्थायी अतिक्रमण कर रखा है। इसी प्रकार पुरानी धानमंडी में नगर परिषद की ओर से पिड़ों का आवंटन नहीं किया है लेकिन वहां लोहे के सामान इस कदर रख दिए है कि वहां वाहनों की आवाजाही तक नहीं हो रही है। इन दुकान से अधिक साइज के इन पिड़ों का इस्तेमाल दुकानदार खुद कर रहे है। (विस्तृत समाचार सीमा सन्देश में पढ़ें।)