पिता और पुत्र के बीच क्या संबंध होता है, इसे परिभाषित करने की दरकार नहीं है। यब सभी को पता है। वहीं, अगर बात महंगा गिफ्ट देने की हो तो ऐसे मौकों पर एक डर बना रहता है कि कहीं आयकर विभाग के चक्कर में न फंस जाएं। मगर कुछ मामलों में भारतीय आयकर कानून में ऐसे प्रावधान हैं, जो उपहार देने व लेने वालों के हित में हैं। ऐसे में आइए हम आपको बताते हैं कि इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक एक पिता अपने पुत्र को कितने रुपये तक का गिफ्ट दे सकता है, जो कानून के दायरे में हो।
वर्तमान कर कानूनों के तहत किसी भी व्यक्ति को उपहार देने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में ‘क्लबिंग’ के प्रावधान लागू होते हैं। उदाहरण के तौर पर, बहू और किसी के जीवनसाथी, सास या ससुर, आदि। मगर पिता और पुत्र का संबंध एक अलग तरह का संबंध होता है, इसलिए एक पिता अपने बेटे को बिना किसी कर प्रभाव के कितने भी रुपये का गिफ्ट दे सकता है। दरअसल, कर कानूनों के वर्तमान प्रावधानों के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति दो लाख रुपये से अधिक का कोई भी उपहार नकद में स्वीकार करता है तो वह नकद में स्वीकार किए गए उपहार की राशि के बराबर दंड के लिए उत्तरदायी हो सकता है। इसलिए नकद में दो लाख रुपये से अधिक का गिफ्ट लेने से बचें।